एटा। शहर कोतवाली में अपने विरोधियों के खिलाफ जानलेवा हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद खुद वादी अदालत में हुई मुख्य परीक्षा में पक्षद्रोही हो गया। उसने बताया कि घर के बाहर अज्ञात लोगों में झगड़ा हो गया था। फायरिंग करने वालों में एफआईआर में नामित व्यक्ति नहीं थे। इस पर अदालत ने झूठे साक्ष्य देने के मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए नोटिस जारी कर दिया।हुआ यह कि अपर जिला जज नरेंद्र कुमार सिंह की अदालत में शहर में 4 दिसंबर 2011 को हुए जानलेवा हमले में आरोपी बनाए गए आगरा रोड निवासी हरीबाबू शर्मा, अजय शर्मा, संजय शर्मा, दीपक शर्मा व अनुज शर्मा के खिलाफ मामला विचाराधीन चल रहा था। जिसमें जब वादी लक्ष्मी सदन निवासी आशीष शर्मा ने लगाए गए आरोपों से ही इन्कार कर दिया। उसने घटना को घर के बाहर अज्ञात लोगों के मध्य झगड़ा बताया। जिस पर अभियोजन पक्ष ने उसे पक्षद्रोही घोषित किया। ऐसे में आरोप साबित न होने अपर जिला जज ने आरोपियों को बरी करते हुए वादी के खिलाफ झूठे सबूत देने पर कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया।