एटा। शहर में कई मोहल्ले ऐसे हैं जहां पालिका की जलापूर्ति नहीं हो रही है। लोग पेयजल के लिए परेशान हैं। कुछ मोहल्लों में तो 5 साल पहले पानी की पाइपलाइन पड़ चुकी है, मगर पानी की आपूर्ति आज तक शुरू नहीं हो सकी है। जिसके चलते लोग पंप, सबमर्सिबल आदि लगाकर भूजल का दोहन कर रहे हैं।
शहर में पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बाद भी शहर कई मोहल्लों के लोग प्यासे दिखाई दे रहे हैं। इसको लेकर लोगों का कहना है कि पीने का पानी निकालने के लिए मजबूरी में सबमर्सिबल या टुल्लू पंप लगानी पड़ रही है। नगर पालिका के जलकल प्रभारी संजय कुमार का कहना है कि शहर में जबसे सीवर लाइन पड़ी है, पेयजल की आपूर्ति में दिकक्त आ रही है। जलापूर्ति वाली पाइप लाइन कई स्थानों पर टूट गई है। जिसकी वजह से शहर के कई हिस्सों में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जल निगम को पत्र लिखकर लीकेज को सही कराने को कहा गया है। जहां-जहां लीकेज सही होते जा रहे हैं, वहां पानी की आपूर्ति सुचारू की जा रही है।
इन मोहल्लों में है जलापूर्ति की समस्या
शहर के अंबेडकर नगर, वर्मा नगर, संजय नगर, यादव नगर, द्वारिकापुरी सहित अन्य भी कई मोहल्ले ऐसे हैं जहां पानी की पाइप लाइन लगभग 5 वर्ष पूर्व पड़ी थी। मगर पेयजल की आपूर्ति आज तक नहीं हो पा रही है। इसको लेकर पालिकाध्यक्ष सुधा गुप्ता का कहना है कि शहर के हर कोने तक पेयजल की आपूर्ति सुचारू करने के लिए काम किया जा रहा है। जल्द ही सभी मोहल्लों तक पानी पहुंचेगा।