मिरहची। रसूलपुर गढौली गांव में बुखार से लगातार हो रही मौतों से दुखी और भविष्य के प्रति चिंतित ग्रामीणों का सब्र टूट गया। बृहस्पतिवार को हालात का जायजा लेने गांव पहुंचे सीडीओ राजेंद्र प्रसाद मिश्र का ग्रामीणों ने घेराव कर विरोध जताया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई बल्कि इसके लिए प्रशासन को जिम्मेदार भी बताया। उन्हें समस्याएं बताई और उनके समाधान की मांग भी की। ग्रामीणों ने गांव में फैली गंदगी, जलभराव और दूषित पेयजल को मौतों का जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी न तो नालियों की पूरी तरह सफाई हुई और न ही पेयजल समस्या का समाधान हुआ। जल जीवन मिशन के तहत डाली गई पाइपलाइन में जगह-जगह लीकेज हो गए हैं। इससे नालियों का दूषित पानी पाइप में जा रहा है। इस पानी को पीने से गांव में बीमारी फैली है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के बीच स्थित छोटी पोखर में गंदगी व जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रामक रोग फैल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक बुखार से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें पवन, खूब सिंह, अश्वनी उर्फ बबलू, मेवाराम, राधा की मौत हो चुकी है। कई अन्य ग्रामीण एटा, अलीगढ़ और आगरा के निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। दो घंटे तक पंचायत घर पर हंगामा किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं दिखा तो ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों का आक्रोश देखते हुए सीडीओ ने उन्हें समझाया। साथ ही भरोसा दिया कि शीघ्र ही व्यवस्थाओं में सुधार कराया जाएगा। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों के साथ पूरे गांव का भ्रमण कर ताजा हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधीनस्थों को गांव में सफाई करवाने, गड़्ढे भरवाने के अलावा क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। सीडीओ राजेंद्र प्रसाद मिश्र का कहना है कि गांव में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। पोखर की सफाई का काम शुरू हो चुका है। पेयजल के नमूनों की दोबारा जांच कराकर शुद्ध आपूर्ति सुनिश्चित होगी। गांव में स्वास्थ्य कैंप जारी रहेगा। आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हो गए।