एटा। थाना जैथरा क्षेत्र में 50 वर्षीय ग्रामीण की मौत अपनी जमीन का बैनामा करने के दूसरे दिन हो गई। बड़े भाई ने बताया कि उसने अपने छोटे भाई की पत्नी के नाम जमीन का बैनामा किया था। छोटे भाई पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया गया है। गांव नगला हिम्मत मोर्चा निवासी जवाहरलाल (50) की मौत बृहस्पतिवार की रात हुई है। बड़े भाई जगदीश ने बताया कि वह अविवाहित था। उसके हिस्से में एक बीघा जमीन आई थी।
इसका बैनामा छोटे भाई लेखपाल सिंह ने अपनी पत्नी श्यामा देवी के नाम बुधवार को करा लिया। जब जमीन बैनामा कराने की जानकारी हुई तो गांव व रिश्तेदारों को एकत्रित कर पंचायत की गई। इधर लेखपाल ने अपनी बेटी रेनू की ससुराल गांव हरनारायणपुर थाना जसरथपुर में जवाहरलाल को भेज दिया। हम लोगों को इसकी कोई जानकारी तक नहीं दी। आरोप है कि जमीन का बैनामा कराने के बाद लेखपाल सिंह ने गला दबाकर हत्या की है।
वहीं, लेखपाल सिंह का कहना है कि बड़े भाई जवाहरलाल काफी समय से हमारे साथ रह रहे थे। कुछ समय से अपनी बहन गुड्डो देवी निवासी गांव लाल बदरा फर्रुखाबाद के पास रहने चले गए। यहां से लौटे तो स्वयं कहकर जमीन का बैनामा कर दिया। वह पहले से ही सांस के रोगी थे। तबीयत खराब होने पर बेटी व दामाद अलीगंज सीएचसी लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में अचानक मौत हुई है। थाना प्रभारी रामेंद्र शुक्ला ने बताया कि एक भाई के नाम जमीन का बैनामा कर दिया गया है। इसको लेकर दूसरा भाई आरोप लगा रहा है। मौत का कारण जानने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।