एटा। शहर की गंदगी का दंश सीमा से सटे गांव असरौली के बाशिंदे सह रहे हैं। गली-मोहल्लों से एकत्रित कूड़े को पालिका कर्मचारी कासगंज रोड पर रेलवे पुल के पास डाल रहे हैं। इसके नजदीक ही शहीद स्तंभ पार्क है, जिसमें लोगों ने बदबू के चलते आना छोड़ दिया है।
जीटी रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर के पीछे पालिका ने एमआरएफ सेंटर बनाया है। यहां पर शहर भर का कूड़ा लाकर निस्तारण किया जाना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। पालिका कर्मचारियों की मनमानी के चलते कूड़ा वहां तक पहुंच ही नहीं पा रहा। गाड़ियों में भरकर ये कर्मचारी कूड़े को रेलवे पुल से कासगंज रोड की ओर किनारे पर खाई में डाल रहे हैं। स्थिति यह है कि कूड़े से पूरी खाई पट चुकी है। इसके बाद आगे की ओर कूड़ा डालना शुरू कर दिया गया है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि यह जमीन असरौली ग्राम पंचायत और रेलवे की है। इसके बावजूद पालिका यहां कूड़ा डालती है। पास में ही ग्राम पंचायत की जमीन पर कुछ कॉलोनी विकसित हो गई हैं। पहले स्थानीय लोग यहां शहीद स्तंभ पार्क में आकर सुबह-शाम टहल लेते थे। लेकिन बदबू की वजह से यहां खड़ा होना तक मुश्किल है। यहां तक कि अब इस रास्ते से होकर जाने तक में दिक्कत महसूस होती है।