एटा। शहर में नगरपालिका की बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है। बिना नंबरों के वाहन लगातार कूड़ा ढो रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि अगर इन वाहनों से हादसा हो जाता है तो जिम्मेदार कौन होगा।
नगरपालिका के पास वाहनों की कमी नहीं है। फिर भी बिना नंबरों के वाहनों से शहर से बाहर कूड़ा डलवाया जा रहा है। इससे पालिका कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहा है। ऐसा लगता है कि जैसे बिना पंजीकरण और बीमा के ये वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर वाहनों का पंजीकरण तथा बीमा है तो बिना नंबरों के ये कैसे सड़कों पर चल रहे हैं।
बड़ा सवाल यह है कि कभी बिना नंबर के अगर कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा। शहर में एक नहीं पालिका के कई वाहन ऐसे हैं जो बिना नंबरों के दौड़ रहे हैं। इनमें कई लोडर, टाटा मैजिक हैं तो कई डंपर भी हैं जो बिना नंबरों के कूड़ा लेकर सड़कों पर दौड़ते दिखाई देते हैं।
कर्मचारियों की मनमानी से परेशानी
नगर पालिका कर्मचारियों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। खुले वाहनों से कूड़ा ढो रहे हैं, उसके बाद एमआरएफ सेंटर के आसपास खुले में कूड़ा पलट देते हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषण हो रहा है। साथ ही लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।
बिना नंबर के वाहन अगर कूड़ा ढो रहे हैं तो दिखवाया जाएगा। साथ ही सभी वाहनों पर नंबर प्लेट भी लगवाई जाएगी। -एसके गौतम, ईओ नगर पालिका