मिरहची। सरकारी समितियों से यूरिया नदारद होने से किसानों की समस्या बढ़ गई हैं। किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। इसके चलते किसान प्राइवेट दुकानों से ऊंचे मूल्य (ब्लैक) पर यूरिया खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसे में किसानों का आर्थिक शोषण हो रहा है।
क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि वर्तमान में धान, बाजरा, मक्का, उड़द, मूंग आदि की बड़े पैमाने पर फसल तैयार की जा रही है। इनकी पैदावार के लिए यूरिया की आवश्यकता किसानों को पड़ रही है। एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी कस्बा में स्थित इफको केंद्र के साथ सहकारी समिति मिरहची पर यूरिया उपलब्ध नहीं कराई गई। यूरिया की किल्लत को लेकर किसान परेशान हैं।
वहीं बाजार में यूरिया खाद विक्रेताओं के गोदामों में यूरिया उपलब्ध है। लेकिन वह सरकारी रेट से 80 से 100 रुपये प्रति बोरी अधिक की बिक्री कर कमाई करने में जुटे हैं। किसानों के सामने फसल प्रभावित होने का खतरा है जिसके चलते किसान बाजार से ब्लैक में ही यूरिया खरीदने को विवश हैं। इफको केंद्र संचालक यशपाल सिंह ने बताया कि केंद्र पर नैनो यूरिया उपलब्ध है। जिसे किसान खरीद नहीं ले जा रहे। दानेदार यूरिया की रैक अभी नहीं आई है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।