जलेसर। तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जमकर हंगामा हुआ। वकीलों ने हंगामा काटते हुए नारेबाजी की। तहसीलदार पर अभद्रता करने के आरोप लगाए। कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े किए। उनका स्थानांतरण के लिए डीएम के नाम ज्ञापन एसडीएम नितिन तेवतिया को सौंपा।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय कुमार सिंह ने बताया कि जबसे तहसीलदार प्रशासन के पद पर संदीप सिंह की तैनाती हुई है, अविवादित दाखिल-खारिज का निस्तारण समय से नहीं हो पा रहा है। संक्रमणीय भूमिधर घोषित करने की भी कार्रवाई कतई नहीं की जा रही है। मेडबंदी की पत्रावलियां उपजिलाधिकारी के यहां से पक्की पैमाइश के लिए जाती हैं, उनको अनावश्यक जांच कराने के नाम पर पक्षकारों से धन वसूल करने के लिए नायव तहसीलदारों को भेज दिया जाता है। तैनाती होने के बाद से आज तक न्यायालय में बैठकर सुनने-समझने के बाद गुण-दोष के आधार पर कोई पत्रावली तय नहीं की गई है। बैनामा की फाइल में कोई भी प्रार्थना पत्र दे जाता है तो उसके निस्तारण के लिए सीधे अधिवक्ताओं से दस हजार रुपये की मांग की जाती है।
आरोप लगाया कि 30 नवंबर को तहसीलदार ने उनके साथ गलत भाषा का प्रयोग किया। अधिवक्ता दयाराम सिंह ने बताया कि पूर्व में भी इन्हीं समस्याओं को लेकर उनके न्यायालय का कार्य बहिष्कार किया गया था। बाद में समस्याओं के निस्तारण के आश्वासन पर काम शुरू कर दिया गया। लेकिन तहसीलदार की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। अधिवक्ताओं के साथ गलत व्यवहार व गलत भाषा का प्रयोग किया जा रहा है।
तीनों तहसीलों में कुल 10 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण
एटा। तीनों तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों ने समस्या-शिकायतों से संबंधित 109 प्रार्थनापत्र अधिकारियों को सौंपे। इनमें से 10 का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
सदर तहसील में डीआईजी शलभ माथुर, डीएम प्रेम रंजन सिंह, एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने जनता की समस्याओं को सुना। डीआईजी ने कहा कि जनता की शिकायतों के निस्तारण के प्रति शासन गंभीर है। पैमाइश के मामलों में राजस्व, पुलिस टीम द्वारा गंभीरतापूर्वक प्रकरण के निस्तारण पर बल दिया जाए। डीएम ने निर्देश दिए कि पैमाइश के मामलों में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस दौरान सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक समिति के पदाधिकारियों ने एटा से कासगंज तक रेल लाइन जोड़ने के लिए ज्ञापन सौंपा।
तहसील सदर में फरियादियों द्वारा सौंपे गए 69 प्रार्थनापत्रों में से 5 का निस्तारण किया गया। तहसील अलीगंज में एडीएम प्रशासन आलोक कुमार ने प्राप्त 22 में से तीन और तहसील जलेसर में एडीएम वित्त एवं राजस्व आयुष चौधरी ने 18 में से 2 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया। सदर तहसील में सीडीओ डाॅ. एके बाजपेयी, सीएमओ डॉ. यूके त्रिपाठी, एएसपी धनंजय सिंह कुशवाह, एसडीएम सदर भावना, डिप्टी कलेक्टर रश्मिलता, डीडीओ प्रवीन कुमार राय, पीडी सुरेंद्र कुमार गुप्ता, तहसीलदार नीरज वार्ष्णेय आदि अधिकारी मौजूद रहे।