एटा। थाना जैथरा क्षेत्र के गांव पिपहरा निवासी रिंकू यादव के 7 वर्षीय पुत्र मयंक को 12 जुलाई की रात करीब 2 बजे गोली मारकर हत्या उसके चाचा ने ही की थी। विरोधियों को फंसाने और जेल में बंद भाई को बचाने के लिए यह साजिश रची गई। जिसका पुलिस ने खुलासा किया है।
एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने पुलिस लाइन में वार्ता कर बताया कि 12 जुलाई की रात मयंक की हत्या करने वाले सगे चाचा नीरज कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इसका भाई संजू उर्फ सुवेंद्र गांव के ही ओमवीर सिंह की हत्या के आरोप में जेल में निरुद्ध है। इस मामले में ओमवीर के भाई रामबृज उर्फ टेपू से समझौता करने का दबाव बनाया गया, लेकिन बात नहीं बनी थी। इसके बाद से ही यह लोग विरोधी पक्ष को फंसाने की साजिश रचने लगे और 7 साल के अशक्त (मूक-बधिर) भतीजे मयंक की गोली मारकर हत्या कर दी। रामबृज उर्फ टेपू सहित पांच लोगों को नामजद कर भतीजे की गोली मारकर हत्या करने की रिपोर्ट नीरज ने दर्ज करा दी।
एसएसपी ने बताया कि वारदात में गांव का ही काली और नीरज का परिचित हेम सिंह निवासी गांव चंदनपुरा थाना पटियाली जिला कासगंज के साजिश में शामिल होने की जानकारी सामने आई। नीरज ने भतीजे की गोली मारकर हत्या करना कबूल किया है।
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चाचा के बदलते बयान व कुत्ते ने शक किया था पैदा
एसएसपी ने बताया कि पहले दिन बयान लिए गए तो नीरज ने बताया कि घटना वाले दिन वह बहनोई मनोज निवासी कल्याणपुर थाना कुरावली जिला मैनपुरी के घर था। जबकि उसके मोबाइल की लोकेशन गांव में ही पाई गई। वहीं उसका पालतू कुत्ता कमरे में बंद मिला, जिसे उस दिन भागा हुआ बताया था। इससे ही शक पैदा हो गया और असली कातिल को गिरफ्तार किया गया।