एटा। जिले में वायरल बुखार के साथ ही टाइफाइड के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ने लगी हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 140 से 150 तक बुखार के पीड़ित पहुंच रहे हैं। ऐसे में चिकित्सक ओपीडी में आने वाले मरीजों को बचाव की सलाह दे रहे हैं।मौसम में गर्मी है, दिन में बाहर निकलने पर लोग ठंडे पेय पदार्थों का प्रयोग कर रहे हैं। तेज धूप में यह प्रयोग करना लोगों को भारी पड़ रहा है। इससे वह वायरस बुखार सहित टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी में मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। फिजिशियन की ओपीडी में रोजाना 100 के करीब मरीज पहुंच रहे हैं। इसके अलावा बाल रोग विभाग में 45 से 50 बच्चे बुखार के पहुंच जाते हैं। जांच कराने पर बुखार पीड़ितों को टाइफाइड की शिकायत निकल रही है। सोमवार को कॉलेज की पैथोलॉजी लैब में 28 बुखार पीड़ितों को टाइफाइड निकला। जबकि मंगलवार को 24 बुखार पीड़ितों में टाइफाइड निकला। लैब के कर्मचारियों की माने तो प्रतिदिन 25 से 30 बुखार पीड़ितों को टाइफाइड निकल रहा है।
ध्यान नहीं देने पर टाइफाइड हो सकता है जानलेवा
फिजिशियन डॉ. चेतन चौहान ने बताया कि उनके पास वायरल बुखार के साथ-साथ टाइफाइड के भी मरीज आ रहे हैं। कहा कि लोग संक्रमित भोजन करने और दूषित पेयजल होने के कारण टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। यदि लोगों ने बचाव की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया तो टाइफाइड जानलेवा हो सकता है। वहीं मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में 929 पर्चे बने। इनमें 137 मरीज फिजिशियन के पास पहुंचे। जबकि 86 बच्चे बाल रोग विभाग में गए। जबकि अन्य मरीज विभिन्न बीमारियों के शामिल हैं।
टाइफाइड के लक्षण
-दस्त होना
-पेट में दर्द होना
-कमजोरी महसूस करना
-बुखार रहना
-सिर में दर्द होना
-भूख में कमी आना
बचाव के उपाय
- बर्तनों को साफ पानी में धोएं।
- हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- स्ट्रीट फूड से परहेज करें।
- घर का ताजा और गर्म खाना खाएं
- दूषित पानी पीने से बचें।