बिजली गुल होने से कई कालोनियों में पेयजल संकट गहरा गया।
भीषण गर्मी ऊपर से उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। गुरुवार को सुबह से शाम तक बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पावर कारपोरेशन विद्युत वितरण अधिशासी अभियंता शहर राजीव चतुर्वेदी ने गुरुवार को दिन में दोपहर 12 से 6 बजे तक बिजली बंद रहने की बात कही थी। लेकिन सुबह ग्यारह बजते ही बिजली काट दी गई। समाचार लिखे जाने तक वहां पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर हटाकर दस एमवीए ट्रांसफार्मर लगा दिया गया था। इसके बाद आयल डाल कर उसकी टेस्टिंग के बाद आपूर्ति बहाल की जाएगी। गुरुवार दोपहर से बिजली गुल होने के कारण उपभोक्ताओं को उमस भरी गर्मी में बारह घंटे परेशान होना पड़ा। बिजली कटौती होने पेयजल समस्या संकट का भी सामना करना पड़ा। हालांकि लोगों की मांग पर कुछ इलाकों में पालिका ने जनरेटर से पेयजल टंकी भरवाने के बाद जलापूर्ति कराई, जबकि कई कालोनियों में पानी के टैंकर भेजे गए। लगातार बारह घंटे बिजली गुल होने इन्वर्टर जवाब दे गए। जबकि घरों में रखे एसी, कूलर, पंखे शोपीस बने रहे। भीषण गर्मी से निजात पाने को लोग हाथ के पंखे हिलाते दिखाई दिए। एक्सईएन ने बताया कि कोतवाली देहात बिजलीघर की क्षमता बढ़ाने से इलाके के हजारों उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग, ओवरलोडिंग और लोकल फाल्ट से निजात मिलेगी।