एटा। जवाहर विद्युत तापीय परियोजना में शुक्रवार की शाम को ट्रायल सफल हो गया। अब उम्मीद है कि देररात या फिर शनिवार को बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।
तापीय परियोजना में बिजली के उत्पादन के लिए 21 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई थी। बृहस्पतिवार को तकनीकी खामी के कारण उत्पादन नहीं हो पाया था। देररात तक इंजीनियर खामी को दुरुस्त करने में लगे रहे थे। देररात कोल फायर किया गया। इसके बाद दोबारा से मशीनों को चालू किया गया। एक- एक मशीन को चलाकर देखा गया। शुक्रवार की सुबह से कर्मचारी और अधिकारी इसमें लग गए। तापीय परियोजना के सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को सुबह से शाम तक मशीनों की पड़ताल होती रही।
शाम के समय प्लांट को शुरू किया गया। इस दौरान करीब 15 मिनट तक ट्रायल चलता रहा। बाद में प्लांट को बंद कर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि ट्रायल सफल हो गया है। अब उच्चाधिकारियों के निर्देशन में दोबारा से प्लांट को चलाया जाएगा। उम्मीद है कि देररात या फिर शनिवार को प्लांट चलाकर बिजली का उत्पादन किया जाएगा।
नई मशीनें होने से आ रही थी समस्या
तापीय परियोजना के सूत्रों के मुताबिक मशीनें नई होने के कारण समस्या आ रही थी। कोल हैंडलिंग प्लांट परियोजना का सबसे अहम हिस्सा होता है। यहां से ही कोयला की आपूर्ति होती है। प्लांट में रिजरवायर यूनिट से पानी पहुंचेगा। गैसों के उत्सर्जन के कारण पानी प्रदूषित हो जाता है। पानी की पहले रीसाइकिलिंग होगी। इसके बाद यह पानी परियोजना में छोड़ा जाएगा।
दिनभर एमडी के साथ चलती रही बैठक
शुक्रवार को एमडी गुरुप्रसाद भी लखनऊ से मलावन में तापीय परियोजना में पहुंचे। अधिकारियों से साथ बैठक कर खामी के बारे में जानकारी की। इसके बाद वह अधिकारियों के साथ साइट पर गए। मशीनों को देखा। बाद में फिर बैठक की और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। देर शाम एमडी तापीय परियोजना में मौजूद रहे। उसी समय प्लांट का सफल ट्रायल हो गया। उन्होंने निर्माणाधीन 660 मेगावाट की दूसरी इकाई को देखा। उसके कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
300 मेगावाट होगा बिजली का उत्पादन
तापीय परियोजना 1320 मेगावाट की है। 660 मेगावाट की एक इकाई में काम चल रहा है। 660 मेगावाट की दूसरी इकाई पर बिजली उत्पादन होगा। फिलहाल 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू किया जाएगा। बाद में इसकी बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़ाई जाएगी। यहां से बिजली नोयडा ग्रिड काे दी जाएगी।
आंकड़ों पर एक नजर
- जवाहर तापीय परियोजना की कुल क्षमता- 1320 मेगावाट
- तापीय परियोजना पर आई कुल लागत- 12320 करोड़ रुपये
- तापीय परियोजना में कोयला का भंडारण- लगभग डेढ़ लाख एमटी
- वर्तमान में होगा बिजली उत्पादन- 660 मेगावाट इकाई पर
- आसपास के गांवों पर विकास पर रुपये खर्च- 15 करोड़ के लगभग
बिजली उत्पादन का ट्रायल किया गया। इस दौरान करीब 15 मिनट तक मशीनों को चलाया गया। उच्चाधिकारी आए थे। उन्हें यथास्थिति से अवगत कराया गया है।
अजय कटियार, महाप्रबंधक, जवाहर तापीय परियोजना