मारहरा (एटा)। गांव नगला कलुआ के सीआरपीएफ जवान की ओडिसा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मंगलवार सुबह जब पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा तो इसे लेने से परिजन ने इन्कार कर दिया। अधिकारियों व कर्मचारियों पर मानसिक उत्पीड़न और खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग पर अड़ गए। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को संभालने के लिए छह थानों की पुलिस बुला ली गई। करीब चार घंटे के विरोध के बाद स्थिति सामान्य हुई और अंतिम संस्कार किया गया।
नगला कलुआ निवासी अमरपाल जाटव (29) 202 बटालियन जनपद कोरापुट सोनाबेडी ओडिसा में तैनात थे। रविवार को फोन पर पत्नी से बात की थी। इसके बाद उनका शव कमरे में फंदे पर लटका मिला। बटालियन की ओर से परिजन को सूचना दी गई। जवान का पार्थिव शरीर मंगलवार की सुबह करीब 8 बजे गांव में पहुंचते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी।
जवान की मौत की सही जानकारी न देने का आरोप लगाते हुए परिजन ने शव कोे लेने से इन्कार कर दिया। पत्नी कल्पना गौतम ने कहा कि आखिरी बार भी जब फोन पर बात हुई तो घरेलू या अन्य कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं बताई थी। अधिकारी, कर्मचारी उनका मानसिक शोषण करते थे। परिजन दोबारा पोस्टमार्टम कराने की भी मांग करने लगे। एसडीएम सदर भावना विमल सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने परिजन को काफी समझाया। दोपहर 12 बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए माने।
परिजन ने राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री, गृहमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया। इसमें मृतक जवान की पत्नी को नौकरी, बच्चे का भरण-पोषण भत्ता, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर जांच कराकर कार्रवाई कराने की मांग की। दोपहर 12 बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए माने। इसके बाद सीआरपीएफ जवानों ने सलामी दी और गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।