एटा। 20 लाख की आबादी वाले जिले में जानलेवा बीमारी कैंसर के उपचार का कोई इंतजाम नहीं है। इलाज तो दूर यहां जांच तक की व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते मरीजों की स्थिति सामने नहीं आ पाती है। लोगों को आगरा, दिल्ली व मुंबई आदि के अस्पतालों में जाना पड़ता है। जबकि जिले में मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।
जिले में कैंसर के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हो रहीं है। सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो बीते वर्षों के सापेक्ष जिले में इस वित्तीय वर्ष में मरीजों की संख्या में कमी आई है। लेकिन असल स्थिति में कई लोग इस भयानक बीमारी से पीड़ित चल रहे हैं। जिले में मेडिकल कॉलेज हो या फिर सरकारी अन्य कोई अस्पताल, यहां तक कि निजी अस्पतालों में भी इसकी जांच की सुविधा नहीं है। लोगों को मालूम ही नहीं हो पाता कि वह कैंसर जैसे रोग से ग्रसित चल रहे हैं। ऐसे में उनकी बीमारी गंभीर और लाइलाज होती जाती है। स्थानीय चिकित्सक भी महीनों उपचार के बाद कैंसर के बारे में पता नहीं कर पाते। परेशानी से निजात न मिलने पर मरीज अन्य शहरों में जाते हैं। तब तक देर हो चुकी होती है। जिले में वर्तमान में 21 कैंसर के रोगी इस वित्तीय वर्ष में मिले हैं।