मिरहची। नवगठित नगर पंचायत मिरहची से पूर्व ग्राम पंचायत जिन्हैरा में आने वाले अमृत सरोवर को हरि की पौड़ी की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। प्रस्ताव ग्राम पंचायत ने पास कर कार्य शुरू तो करा दिया, लेकिन ग्राम पंचायत अब नगर पंचायत में बदलने पर बजट नहीं मिल रहा। जिसके चलते इस सरोवर का काम अटक गया है।
शासन द्वारा अमृत सरोवरों को विकसित करने लिए ग्राम पंचायतों से लेकर पालिका परिषद तक बजट भरपूर दिया गया है, लेकिन ब्लाॅक क्षेत्र में दो अमृत सरोवरों के अलावा अन्य सभी पर विकास कार्य कोसों दूर नजर आ रहे हैं। जिसमें जिन्हैरा के समीप बने अमृत सरोवर पर एक वर्ष शुरू हुए कार्य को लेकर ऐसा लगा कि जिले का पहला सरोवर होगा। जिसे सोरोंजी में हरि की पौड़ी की तर्ज पर बनाने के लिए ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव से लेकर बजट पास कर कार्य शुरू करा दिया, लेकिन छह ग्राम पंचायत और 17 गावों को मिलाकर शासन द्वारा मिरहची को नगर पंचायत का दर्जा 2021 में दिया गया। उसके बाद से लोगों को इस अमृत सरोवर के सौैंदर्यीकरण का इंतजार है। उनका मानना है कि सरोवर जहां जल संचयन का अच्छा स्रोत बनेगा। वहीं जिले की अनोखी धरोहर के रूप में जाना जाएगा, लेकिन नगर पंचायत बनने के बाद से अमृत सरोवर पर कार्य तो दूर, किसी ने मुड़कर भी नहीं देखा है। इसमें सूखे पड़े सरोवर में घास और किनारों पर झाड़ियों का बसेरा होने लगा है।
अमृत सरोवर के लिए प्रस्ताव किया जाएगा। जिस पर शासन से बजट मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इसे जल्द पूरी तरह विकसित कराने पर जोर दिया जाएगा। - वीरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी