एटा। वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को थाना बागवाला क्षेत्र का 70 वर्षीय वृद्ध मरीज बेड पर चार घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन उसे इलाज नहीं मिला। स्वास्थ्य कर्मी रेफर करने की बात कहते रहे, लेकिन रेफर स्लिप भी बनाकर नहीं दी गई।
ब्लॉक शीतलपुर थाना बागवाला क्षेत्र के गांव अल्लैपुर खुर्द निवासी 70 वर्षीय वृद्ध कृपाल सिंह को परिजन सुबह 11 बजे मेडिकल कॉलेज लाए। यहां इमरजेंसी में भर्ती करा दिया, लेकिन चार घंटे तक उपचार नहीं दिया गया। वृद्ध पेट दर्द से कराहता रहा। परिजन ने बताया कि पीलिया हो गया था, इसके बाद लीवर पर असर पड़ गया। इसकी वजह से पेट में दर्द रहने लगा। शुक्रवार को तबीयत खराब होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। लेकिन दोपहर बाद 3 बजे तक कोई उपचार नहीं दिया गया। डॉक्टर आगरा ले जाने की बात कहते रहे। 3 बजे के बाद रेफर स्लिप मिली तब आगरा के लिए रवाना हुए।
पिता पहले से बीमार चल रहे थे, शुक्रवार की सुबह ज्यादा तबीयत खराब होने पर मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां शाम तीन बजे तक कई बार स्वास्थ्य कर्मियों व चिकित्सकों से कहा, लेकिन कोई उपचार नहीं किया गया। - योगेंद्र बाबू, मरीज का पुत्र
दादा को इलाज के नाम पर एक गोली तक नहीं दी गई। रेफर करने के लिए कहा गया तो वह प्रक्रिया भी काफी देर तक पूरी नहीं की जा सकी। मैं खुद स्वास्थ्य कर्मी हूं, इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - विनय कुमार, मरीज का नाती
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 24 घंटे एक सीनियर रेजीडेंट चिकित्सक का होना अनिवार्य है। ताकि कोई भी गंभीर मरीज आने पर उपचार किया जा सके, लेकिन यहां सीनियर डॉक्टर नदारद रहते हैं और जूनियरों के सहारे इमरजेंसी चलाई जा रही है।
चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज में उपचार करने की बात कही है। इस मामले में परिजन के आरोपों की भी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। - डॉ. विवेक पाराशर, मीडिया प्रभारी मेडिकल कॉलेज