श्री सात्विक विष्णु महायज्ञ के पांचवे दिन हरिश्चंद की कथा का वर्णन किया वहीं वृंदावन धाम से आए कलाकारों ने कालीदाह लीला के दर्शन कराए।
कालीदाह की लीला का मंचन देख श्रोता गदगद हो गए। बालरूप में बने श्रीकृष्ण ने जब नाग के सिर पर पैर रखकर उसका मंथन किया तो पंडाल मे बैठे भक्तों ने ताली बजाकर लीला का दर्शन किया। तो आचार्य ने हश्चिंद्र की कथा का सुंदर ढंग से वर्णन किया। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक प्रदीप गुप्ता, पूर्व चैयरमैन, विनोद आर्य, अमरनाथ गुप्ता, श्रीराम गुप्ता, मुन्नाबाबू गुप्ता, सूर्यकान्त गुप्ता, रामविलास वर्मा आदि मौजूद थे।