एटा। आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के अंतर्गत कई विद्यालयों ने पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया। प्रदेश भर में इसकी समीक्षा हुई। इस पर शिक्षा निदेशक ने प्री प्राइमरी विद्यालयाें की मैपिंग कराने के निर्देश बीएसए को दिए। इसके बाद व्यापक स्तर पर विद्यालयाें की मैपिंग कराई गई। इसमें जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है।
बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि आरटीई के अंतर्गत कम संख्या में विद्यालय पोर्टल पर पंजीकृत हैं। जबकि जिले में बड़ी संख्या में निजी विद्यालय संचालित हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिक्षा का अधिकार अधिनियम का लाभ नहीं ले पाते है। क्योंकि पोर्टल पर यह विद्यालय दिखते ही नहीं हैं। इसी को लेकर शासन से प्रदेश के सभी जिलों में निर्देश जारी किए गए थे कि विद्यालयों की मैपिंग कराई जाए।
उन्होंने बताया जिले में 841 प्री प्राइमरी विद्यालय संचालित हैं। विद्यालयों की मैपिंग कराने को लेकर खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया गया। इसके तहत अभी कार्य चल रहा है, लेकिन जिले में 600 विद्यालयों की फीडिंग हो गई है। दो दिन पहले इसकी समीक्षा कर रैंकिंग जारी की गई। इसमें प्रदेश में जिले को प्रथम स्थान मिला है।
प्रवेश के समय लखनऊ से होगी निगरानी
बीएसए ने बताया नए शैक्षिक सत्र में विद्यालयों में प्रवेश के समय आरटीई पोर्टल को देखा जाएगा। उसका मिलान विद्यालयों की मैपिंग से किया जाएगा। अगर कोई विद्यालय आरटीई के पोर्टल पर नहीं दिखा तो विद्यालय को नोटिस भेजा जाएगा। जवाब न देने पर उच्चाधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई की जाएगी।