एटा में पीड़ित की मां ने कहा कि झोलाछाप के इलाज से बेटा दिव्यांग हो गया है। उसके पैर ने काम करना बंद कर दिया है। मां की शिकायत पर टीम ने गांव पहुंचकर जांच की
उत्तर प्रदेश के एटा में झोलाछाप के इन्जेक्शन लगाने के बाद 12 वर्षीय किशोर का पैर सुन्न हो गया। अब उसका पैर काम नहीं कर रहा है। किशोर की मां आईजीआरएस पोर्टल पर इसकी शिकायत की है। इस पर शनिवार को टीम गांव पहुंची और मामले की जानकारी ली। आरोपी झोलाछाप क्लीनिक बंद करके फरार है।
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घटना मिरहची थाना क्षेत्र के गढ़िया गांव की है। गांव निवासी सीमा ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया 12 वर्षीय बेटे को सर्दी की शिकायत सहित कान में दर्द की शिकायत थी। वह उसे लेकर एक क्लीनिक पर गई। वहां चिकित्सक ने उसका उपचार किया। चिकित्सक के इंजेक्शन लगाने के बाद बेटे का पैर सुन्न हो गया।
पीड़िता ने बताया बेटे का पैर काम नहीं कर रहा है। वह दिव्यांग हो गया है। शिकायत पर शनिवार को डिप्टी सीएमओ डॉ सर्वेश ने मिरहची पीएचसी से पीड़िता के घर टीम भेज जांच पड़ताल कराई। डिप्टी सीएमओ ने बताया बालक सहित उसके परिजनों को बुलाया गया है। क्लीनिक संचालक क्लीनिक को बंद कर फरार है। मामले की जांच की जा रही है।