अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मंगलवार को निधौलीकलां मार्ग स्थित टयूलिप पब्लिक स्कूल में छात्राओं को ताइक्वांडो और कराटे से आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए। इस दौरान वक्ताओं ने महिलाओं को घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, दहेज उत्पीड़न को नहीं सहन करने और मुखर होकर आवाज उठाने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में टयूलिप पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल बिंदू जायसवाल ने कहा कि घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, उत्पीड़न होने पर महिलाएं और छात्राएं मुखर होकर आवाज उठाएं। ऐसे मामलोें को सहन करते रहना समस्या का हल नहीं है। समाजसेवी निरुपमा वर्मा ने कहा कि बसों, भीड़भाड़ वाली जगहों या शादी समारोह में छेड़छाड़ जैसी घटनाओं के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाएं, ताकि असामाजिक तत्वों को हावी होने का मौका न मिले। कार्यक्रम संयोजक बविता जैन प्रेरणा ने छात्राओं को संस्कारवान होने के साथ शिक्षित होकर समाज में आगे बढ़ने का संकल्प दिलाया।
एशियन गोल्ड मेडलिस्ट लालू यादव और कराटे प्रशिक्षक अमित वार्ष्णेय ने छात्राओं को ताइक्वांडो और कराटे के गुर सिखाकर छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रेरित किया। प्रबंधक पियूष जैन, ऊषा जैन, श्यामलता अग्रवाल, रीता, अर्पणा, शिवांगी, शिखा, प्ररवर्तिका, युक्ति, तनिष्का, मेघा, सोनाली, अंजली, दिशा समेत अनेक छात्राएं मौजूद रहीं।
घरेलू हिंसा के मामलों में दहेज उत्पीड़न के मुकदमे
महिला थाना एसएचओ सुमन लता जैन का कहना है कि पुलिस थाने में आने वाले ज्यादातर महिलाओं के मामले घरेलू हिंसा के होते हैं, लेकिन रिपोर्ट दहेज उत्पीड़न में दर्ज कराई जा रहीं है। यह परिवर्तन का समय है। महिलाएं अधिकारों के प्रति जागरूक हो रहंीं हैं और घरेलू हिंसा का विरोध करने पर पति और पत्नी में टकराव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और पुरुषों को सोच बदलने की जरूरत है।