एटा। उधार के भवन में संचालित होने वाले टीबी अस्पताल का अब अपना भवन होगा। इसके लिए गांव कुसाड़ी के पास भूमि को देखा गया है। जहां एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से टीबी अस्पताल बनाया जाएगा। इसमें जहां मरीजों के लिए लैब, एक्स-रे आदि सुविधाओं का इंतजाम होगा। वहीं चिकित्सकों के बैठने से लेकर रहने तक के कक्ष बनाए जाएंगे।
दो वर्ष पहले तक टीबी अस्पताल सीएमओ कार्यालय के पास संचालित होता था। जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाया गया। ऐसे में टीबी अस्पताल का भवन तोड़ना पड़ा। तबसे टीबी अस्पताल अस्थायी रूप से आईटीआई परिसर में संचालित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार उच्चाधिकारियों को जमीन से लेकर भवन निर्माण के लिए पत्राचार किया जाता रहा।
शासन से जिला टीबी अस्पताल के लिए धनराशि अवमुक्त कर दी है। बीते वित्तीय वर्ष में स्वास्थ्य विभाग को जिला टीबी अस्पताल के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि की पहली किस्त जारी की है। टीबी अस्पताल में मरीजों की जांच की लैब सहित चिकित्सकों व कर्मचारियों के बैठने के लिए कक्षों का निर्माण कराया जाएगा।
मरीजों को नहीं लगानी पड़ेगी दौड़
अभी टीबी का संभावित मरीज जांच के लिए आईटीआई परिसर पहुंचता है तो उसका एक्स-रे वहां नहीं हो पाता है। ऐसे में मरीज को टीबी अस्पताल से पांच किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज के लिए दौड़ लगानी पड़ती है। इसके अलावा वहां कई अव्यवस्थाएं है। टीबी अस्पताल का अपना भवन होने के बाद मरीजों को सभी सुविधाएं मिलेंगी। उन्हें अन्य कहीं की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
आंकड़ों पर एक नजर
टीबी के मरीज- 2268 एमडीआर मरीज- 76
स्वयंसेवी संस्थाओं और चिकित्सकों द्वारा गोद लिए गए मरीज- 2118
अलीगंज रोड पर मंडी के पास पहले टीबी अस्पताल के लिए जमीन को देखा गया था। वहां कुछ और निर्माण होना है। ऐसे में अब टीबी अस्पताल के लिए कुसाड़ी के पास भूमि चिह्नित की गई है। प्रशासन से उसी भूमि में अस्पताल का निर्माण कराने की बात कही गई है। - डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ