शासन एक ओर मातृत्व सप्ताह आयोजित कर जच्चा बच्चा की सेहत को लेकर फिक्रमंद है, वहीं स्वास्थ्य महकमा शासन के अभियान को पलीता लगाने में जुटा है। शुक्रवार को महिला अस्पताल में प्रसव के लिए आयी महिला से ड्यूटी पर तैनात महिला चिक्तिसक ने सुविधा शुल्क की मांग की। आरोप है कि सुविधा शुल्क न देने पर प्रसूता को महिला अस्पताल से भगा दिया गया। इसके बाद जैसे ही महिला अस्पताल से निकली एंबुलेंस में उसकी सामान्य डिलीवरी हो गई। पीड़िता के परिवारीजनों ने इसकी शिकायत सीएमएस से की है। सीएमएस ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मामला दोपहर एक बजे करीब का है। नगला सेवा निवासी उमेश अपनी गर्भवती बहन पुष्पा देवी को महिला अस्पताल में प्रसव कराने के लिए लाए थे। उमेश ने बताया कि उनकी बहन की तबीयत अधिक खराब हो रही थी, तभी वहां तैनात महिला चिकित्सक ने उनसे प्रसव कराने के एवज में सुविधा शुल्क की मांग की। आरोप है कि सुविधा शुल्क देने से इंकार करने पर चिकित्सक ने प्रसव करने से इनकार कर अस्पताल से भगा दिया। उमेश ने मामले की लिखित शिकायत सीएमएस से की है। सीएमएस डा. बृजेश राठौर ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उमेश ने बताया कि अस्पताल से निकलते ही एंबुलेंस में उसकी बहन को डिलीवरी हो गई। फिलहाल जच्चा और बच्चा निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।