एटा/अलीगंज/अवागढ़/मारहरा/जैथरा। बुधवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। इस बीच सूर्यदेव से बादलों की लुकाछिपी रही। टुकड़ों में निकली धूप के चलते अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक रहा। जबकि शाम 4 बजे के बाद बादल घने हो गए। तेज ठंडी हवाएं चलीं और जिले भर में बारिश होने लगी। इससे तापमान में गिरावट आई और यह 21 डिग्री सेल्सियस तक आ गया। शहर सहित कस्बों में जगह-जगह जलभराव हो गया।अलीगंज में हुई बरसात से मौसम में बदलाव आया। वही किसानों को खेतों में पड़ी गेहूं की फसल घर लाने की चिंता सता रही है। कृषक आनंद कुमार ने बताया कि मई के महीने में किसान फसल काटकर घर जाने की तैयारी में लगा रहता है। परंतु इस बार मौसम ने कमर ही तोड़ दी है। मौसम इसी तरह बना रहा तो गेहूं की फसल खराब होने की आशंका और बढ़ जाएगी। जैथरा में भी शाम के समय तेज बारिश हुई। इससे पहले भी बारिश हो चुकी है। इस बेमौसम बरसात से बीमारियां बढ़ने लगी हैं। तापमान कम होने से लोग खांसी-जुकाम और सर्दी-बुखार की चपेट में आ रहे हैं। परिजन छोटे बच्चों को सर्दी से बचाव की ओर अधिक ध्यान दे रहे हैं। पीएचसी पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। उधर, बरसात के बाद बस स्टैंड से थाने तक, गांधी नगर में अस्पताल से बारहद्वारी तक, मुहल्ला बढ़ैयान में कुआं वाली गली ने तालाब का रूप ले लिया। अवागढ़ कस्बा एवं क्षेत्र में एक घंटे से अधिक समय तक लगातार हुई झमाझम बारिश के कारण सड़कें और गलियां पानी से लबालब हो गईं। तेज हवाएं चलने से मई माह में भी ठंड का अहसास हुआ। शादी वाले घरों में बरसात के कारण व्यवधान पैदा हो गया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया इस बरसात से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। मक्का, बाजरा, मूंग, की फसल में बरसात के पानी से पैदावार में बढ़ोतरी होगी। नुकसान केवल उन किसानों का है जिनके गेहूं खेतों में गहाई के लिए पड़े हैं। तेज हवाएं चलने से आम की फसल में 20 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका है।