एटा। 2 जून 2021 को दवा लेने बेटे के साथ जा रही अमृतपुर निवासी सरला देवी से अभद्रता व लूट व उनके बेटे को जान से मारने की नीयत गोलियां चलाने के मामले में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और पूर्व विधायक के बेटे और भाई को हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया।
सरला देवी ने एसएसपी को दी अर्जी में बताया कि वह बेटे के साथ अकबरपुर के पास पहुंची तो गांव निवासी रामनाथ पुत्र लालाराम, विनोद यादव पुत्र रामखिलाड़ी, विक्रांत यादव पुत्र रामनाथ, जुगेंद्र सिंह पुत्र लालाराम, पुष्पेंद्र यादव पुत्र जुगेंद्र सिंह व प्रमोद यादव पुत्र रामेश्वर ने घेर लिया और बेटे को ले जाने लगे। बेटा कब्जे से छूटकर भागा तो आरोपियों ने फायरिंग कर दी। पेड़ की आड़ लेने से बेटा बच गया तो आरोपियों ने पीड़िता से अभद्रता की।
इस मामले में आरोपी प्रमोद यादव, रामनाथ, पुष्पेंद्र व विक्रांत यादव द्वारा दायर याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा 13 जनवरी 2023 को अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली। ऐसे में प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील के माध्यम से हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी। सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति सी टी रवीकुमार एवं संजय कुमार की पीठ ने राज्य सकरार की अपील को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया।