एटा। जिले में पहला सोलर पॉवर प्लांट का निर्माण किया जाना है। जो निधौली कलां ब्लॉक क्षेत्र के गांव रफतनगर सेंथरा में स्थापित किया जाएगा। इससे 10 मेगावाट बिजली का उत्पादन प्रतिदिन किया जाएगा। मेरठ की कंपनी इस परियोजना को स्थापित कराएगी। इस पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
सौर ऊर्जा नीति के तहत ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मै. पसवारा इनर्जी एलएलपी, मेरठ ने इस परियोजना के लिए प्रस्ताव दिया था। हालांकि प्रस्ताव 20 मेगावाट बिजली का था। इसके लिए करीब 100 एकड़ जमीन की जरूरत थी। लेकिन एकमुश्त इतनी जमीन न मिलने से बाद में इसे 10 मेगावाट का कर दिया गया। परियोजना की स्थापना के लिए निधौली कलां के रफतनगर सेंथरा में 48.53 एकड़ सरकारी जमीन का चयन कर लिया गया है। जो अब प्रशासन अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग (नेडा) को उपलब्ध कराएगा। जिसे कंपनी को लीज पर दिया जाएगा।
जमीन मिलने के बाद परियोजना की स्थापना का काम शुरू हो जाएगा। यहां हर दिन 10 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। जिसे जनपद के उपयोग में ही विद्युत निगम को उपलब्ध कराया जाएगा। रफतनगर सेंथरी से करीब पांच किमी दूरी पर निधौली कलां फीडर स्थित है। जिसको बिजली की आपूर्ति की जाएगी। संवाद
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30 साल के पट्टे पर दी जाएगी जमीन
मेरठ की कंपनी को इस परियोजना के लिए जमीन 30 साल के पट्टे पर दी जाएगी। इसके लिए नेडा इस कंपनी से 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रतिवर्ष शुल्क लेगा। इससे सरकार को राजस्व भी मिलेगा।
जमीन का चिह्नांकन कराए जाने के बाद ग्राम पंचायत समिति से प्रस्ताव भी पारित हो चुका है। जिसके बाद फाइल प्रशासन को भेजी गई है। मंडलायुक्त स्तर से इसके के लिए स्वीकृति की जानी है। जमीन आवंटित होने के बाद अन्य औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण और स्थापना कार्य शुरू हो जाएगा। इससे बनने वाली बिजली निधौली कलां फीडर को दी जाएगी। - देवेंद्र सिंह, प्रभारी पीओ नेडा