एटा। नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए करीब ढाई महीना बीत चुका है। लेकिन अब तक प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की अभ्यास पुस्तिकाएं नहीं पहुंची हैं। विद्यार्थियों को निपुण बनाने की प्रक्रिया चल रही है। सरकार का पूरा जोर निपुण पर है, लेकिन बिना अभ्यास पुस्तिका के विद्यार्थी निपुण कैसे बनेंगे, यह बड़ा सवाल है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को पढ़ने के लिए नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जाती हैं। कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को हिंदी, गणित की अभ्यास पुस्तिका दी जाती है। अन्य विषयों की पाठ्य पुस्तकें शिक्षा सत्र शुरू होने पर विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को उपलब्ध करा दी गई थीं। लेकिन अभ्यास पुस्तिकाएं अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। मालूम हो कि कक्षा एक के बच्चों को कलरव, दो को कलरव व गिन तारा, कक्षा तीन के बच्चों को कलरव, गिन तारा, हमारा परिवेश, रैनबो दी जाती हैं। अभ्यास पुस्तिका न होने से बच्चे अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं।
भाषा व गणित पर है विशेष जोर
निपुण में बच्चों की भाषा व गणित पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिससे बच्चों को शुरुआती अक्षरों, शब्दों का ज्ञान हो सके। उच्चाधिकारियों का मानना है कि शुरूआत में बच्चे अक्षर व संख्या पहचान सकेंगे और पढ़ सकेंगे। इससे उनका पढ़ाई का स्तर सुधरेगा।
अभ्यास पुस्तिकाएं अभी शासन स्तर से ही नहीं आई है। जैसे ही पुस्तिकाएं आएंगी उनका वितरण कराया जाएगा। अन्य पाठ्य पुस्तकें वितरित कराई जा चुकी हैं। - संजय कुमार, डीसी निर्माण