पाप को नष्ट करने वाला है आर्जव धर्म: अर्पित जैन
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जैन समाज के दशलक्षण पर्यूषण महापर्व में गुरुवार को उत्तम आर्जव धर्म पर प्रवचन और वन मिनट प्रतियोगिता हुई।
दशलक्षण पर्व पर विद्वान अर्पित और दीपेश ने कहा कि उत्तम आर्जव धर्म मन को स्थिर करपाप को नष्ट करने वाला है। इसे आत्मसात करो। बताया कि जहां कुटिलता का त्याग किया जाता है, वहीं आर्जव धर्म प्रगट होता है। आर्जव धर्म परमात्मा स्वरूप है, संकल्पों से रहित है, चिन्मय आत्मा का मित्र है, शाश्वत है और अभयरूप है। जो निरन्तर इसका ध्यान करता है, वही अचल पद प्राप्त करता है। इस दौरान वन मिनट शो प्रतियोगिता में 5 से 20 वर्ष के कुल 18 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें अंशुल जैन, मुस्कान जैन, अर्जव जैन, स्नेहा जैन विजेता रहे। मौके पर सतीश चन्द्र जैन, अतुल जैन, पंकज जैन, आकाश जैन, सचिन जैन, सम्भव जैन, प्रवीन जैन, मोहित जैन, रीतेश जैन, प्रमोद जैन, नवीन जैन, संजय जैन आदि मौजूद रहे।