रोडवेज स्टैंड के सामने खड़ी निजी डग्गामार बस। संवाद
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एटा। रोडवेज स्टैंड के सामने निजी बसों की डग्गेमारी जारी है। स्टैंड के सामने से रोजाना निजी बसों में सवारियां भरी जा रही हैं। रोडवेज बसों के रंग से मिलते-जुलते रंग में होने के कारण यात्री भ्रमित होकर इनमें यात्रा कर हैं। रोडवेज स्टैंड के बाहर निजी बसें खड़ी कर यात्रियों को बैठाने का सिलसिला जारी है। बसों के रंग और बाहरी रूप-रंग में समानता होने से दूर से दोनों में अंतर करना मुश्किल होता है। यात्री रोडवेज बस समझकर निजी बस की ओर बढ़ जाते हैं। बाद में यात्रा के दौरान बस का रूट, किराया या निर्धारित ठहराव अलग होने की जानकारी मिलने पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बारे में एक माह पूर्व जिलाधिकारी ने भी निर्देश दिए थे कि निजी व डग्गामार बसों को रोडवेज स्टैंड के आसपास एक किलोमीटर के दायरे में खड़ा कर सवारी न बिठाई जाएं। इसके बाद भी यहां से इन वाहनों का संचालन जारी है।स्टैंड पर बस का इंतजार करने वाले यात्रियों का कहना है कि रोडवेज के आने की जानकारी न होने पर सामने खड़ी निजी बसों के परिचालक और एजेंट उन्हें बैठने के लिए कहते हैं। कई यात्रियों को यह पता नहीं चल पाता कि बस रोडवेज की है या निजी। इससे विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और दूसरे जिलों से आने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी होती है। निजी बसों के स्टैंड के सामने खड़े होने से यात्रियों के लिए बसों की पहचान के साथ ही यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। एआरएम प्रदीप यादव का कहना है कि इस प्रकार की बसों का चिह्नांकन किया जा रहा है। इनके संचालकों से कहा गया है कि वह बसों को स्टैंड के एक किलोमीटर के दायरे से बाहर खड़ा करके ही यात्रियों को बिठाएं।