निधौली कलां। क्षेत्र के किसानों को इस समय लाहा, गेहूं, लहसुन के लिए डीएपी की जरूरत है। लेकिन सरकारी गोदामों पर डीएपी नहीं उपलब्ध है। किसान सुबह से लेकर शाम तक बार-बार समितियों का चक्कर काट रहे हैं। जबकि बाजार में डीएपी धड़ल्ले से बिक रही है। जहां रेट को लेकर मनमानी चल रही है। इसे लेकर किसानों में रोष व्याप्त है।
भारतीय किसान यूनियन (सुनील गुट) के प्रदेश सचिव पुष्पेंद्र सिंह कुशवाहा ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी समिति के अध्यक्ष एवं सचिव किसानों के फोन तक नहीं उठाते हैं। समितियों पर कहीं भी डीएपी नहीं मिल रही है। मजबूरन किसानों को फसल बचाने के लिए महंगे दाम में निजी केंद्रों से खरीदनी पड़ रही है।
महेंद्र पाल सिंह, सत्येंद्र पाल सिंह, ओमवीर सिंह, मुकेश यादव, सोनू यादव, रवि राजपूत आदि किसानों का कहना है कि समितियों के अध्यक्ष, सचिव डीएपी मुहैया कराने में लापरवाही कर रहे हैं। जबकि जिम्मेदार निजी केंद्रों पर कालाबाजारी नहीं रोक रहे। जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि कालाबाजारी की सूचनाओं पर लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। निधौली की शिकायत मिलती है तो वहां भी जांच कराएंगे। कालाबाजारी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।