नया गांव स्थित भगवान चेतन सेवा आश्रम हरहरेश्वर महादेव मंदिर में चली रही भागवत कथा के दूसरे दिन धर्म की महिमा बताई। भागवताचार्य पंडित नारायण प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि कथा सुनने मात्र से पापियों के पाप नष्ट हो जाते हैं। भागवताचार्य ने कहा कि गलत आचरण के कारण धुंधकारी असमय मृत्यु को प्राप्त कर प्रेत योनी में चला गया और भटकने लगा। एक बार प्रेत योनी में उसने अपने भाई गाकर्ण से योनी से मुक्ति का उपाय पूछा। गोकर्ण ने सूर्यदेव की आराधना की तो सूर्य देव ने श्रीमद्भागवत कथा कराने की सलाह दी। भागवताचार्य ने कहा कि जब गोकर्ण ने अपने घर भागवत कथा कराई तो धुंधकारी चुपके से बांस में आकर बैठ गया। शाम को कथा खत्म हुई तो एक गांठ फट गई और सात दिनों में सातों गाठ फट गईं। इस मौके पर राम प्रकाश, देव, अनुज, विजय, उपकार, विशाल, रवि, आदेश, प्रकाश समेत मौजूद रहे।