एटा। बिहार में जहरीली शराब से लोगों की जान गई। तो आबकारी विभाग ने सक्रियता दिखाई और हिंदू नगर में छापामारी कर फोटो खिंचवा डाले। यह पहला मौका नहीं है, जब भी प्रदेश या देश में कहीं जहरीली शराब से बड़ा हादसा होता है, कार्रवाई के नाम पर शहर के हिंदू नगर और काशीराम आवासीय कॉलोनियों को खंगालने का दिखावा जरूर किया जाता है। एक-दो को पकड़कर जेल भेज गुडवर्क बटोर लिया जाता है। लेकिन इन इलाकों में कच्ची शराब का कारोबार कुटीर उद्योग की तरह चल रहा है। जिसे पूरी तरह आज तक बंद नहीं कराया जा सका।
अलीगंज रोड तिराहा से आगे जीटी रोड के दोनों ओर सहित सकीट रोड पर इस अवैध कारोबार के छोटे-छोटे कारखाने चलते हैं। जहां कच्ची शराब हर दिन तैयार की जाती है। पीने वाले शौकीनों के लिए ले जाने से लेकर बैठकर पिलाने तक की व्यवस्था रहती है। झोंपड़ियों के अंदर लोटा भरकर दे दिया जाता है। जबकि ले जाने वालों को थैली में पैक कर शराब थमा दी जाती है। इस जगह वर्षों से यह धंधा चल रहा है, जिसे आज तक बंद नहीं कराया जा सका। इसके अलावा पीएसी रोड स्थित काशीराम आवास कॉलानी में भी कच्ची शराब का कारोबार लगातार चल रहा है। यहां भी इसी तरह की गतिविधियां दिनभर बनी रहती हैं। संवाद
20 रुपये में नशे का इंतजाम
अंग्रेजी के अलावा इस समय देसी शराब भी खूब महंगी है। ऐसे में शौकीनों को यह सस्ती कच्ची शराब अपनी ओर खींच लाती है। यहां 20 रुपये में नशे का इंतजाम उपलब्ध है। अधिकांश लोग एक पैकेट में मस्त हो जाते हैं। अधिक पीने वाले लोगों के लिए दो पैकेट बहुत हैं। सुबह से यहां शौकीनों का पहुंचना शुरू हो जाता है। सबसे ज्यादा संख्या मजदूर वर्ग की होती है। तमाम मजदूर नशा करके दिहाड़ी पर निकलते हैं।
समय-समय पर अभियान चलाकर और औचक रूप से कार्रवाई की जाती है। पहले की अपेक्षा कमी भी आई है। समूल नाश एकदम से नहीं हो सकता है। - अभय गंगवार, जिला आबकारी अधिकारी
अवैध रूप से शराब के बनाने, बिक्री, लाने-ले जाने पर लगातार कार्रवाई हो रही हैं। हिंदू नगर में यह पूरी तरह बंद कराने की कोशिश की जा रही है। - राज कुमार, सीओ सिटी