एटा। जोर-शोर से यूपी इन्वेस्टर्स समिट की धूम मची। इस धूम में 203 निवेशकों ने जिले में औद्योगिक इकाइयां लगाने के प्रस्ताव दे डाले। अब इनमें से 48 ने इकाई स्थापना के लिए पूरी तरह से इन्कार कर दिया है। जो इन्वेस्टर्स समिट, जिले के उद्योग जगत और प्रशासन के लिए झटका है।
इस साल के शुरुआती महीने से ही इन्वेस्टर्स समिट पर काम शुरू कर दिया गया था। प्रदेश सरकार का पूरा जोर था कि उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश लाया जाए, जिससे कि उद्योगों की स्थापना हो और युवाओं को रोजगार मिले तथा प्रदेश तरक्की की राह पर आगे बढ़े। इसी के तहत हर जिले में भी निवेश के लिए स्थानीय स्तर पर कवायद करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत जिले में फरवरी में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया। 15336 करोड़ रुपये के प्रस्ताव 203 निवेशकों ने दिए और एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग) साइन भी हो गए।
इसके साथ ही जिले के लोगों की उम्मीदें बढ़ीं कि उद्योगों की स्थापना के बाद पिछड़े जिले की स्थिति में सुधार होगा। अभी शुरूआत ही हुई थी कि 48 निवेशकों ने औद्योगिक इकाई लगाने से इन्कार कर दिया। किसी ने जमीन तो किसी ने बैंक ऋण के लिए जरूरी व्यवस्थाएं न होने का हवाला देकर पूरी तरह असमर्थता जता दी। इसके साथ ही इनकी फाइल बंद कर दी गई है। अब तक कुल 23 उद्योग ही स्थापित हो सके हैं। जबकि 28 स्थापना की प्रक्रिया में हैं।
जो भी प्रस्ताव मिले थे, सभी से उद्योगों की स्थापना को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं। निवेशकों को जिस मदद की जरूरत है, उसमें सहयोग किया जा रहा है। 48 निवेशक हैं जो उद्योग स्थापना के लिए अनिच्छुक हैं। काफी वार्ता के बाद भी वह तैयार नहीं हुए हैं। सूची से उनके प्रस्ताव हटा दिए गए हैं। - प्रेमकांत, सहायक आयुक्त उद्योग