तेज धूप व भीषड़ गर्मी से बचने के लिए सिर को कपड़ों से ढककर व हैलमेट लगाकर गुजरते लोग। संवाद
एटा। जिले में भीषण गर्मी के तीखे तेवर बरकरार हैं। मानों लोगों सुबह का सुकून और रात का चैन छिन गया है। हर कोई गर्मी से राहत पाने की जुगत बैठाने में लगा है। शुक्रवार को पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जबकि दोपहर में 25.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली गर्म हवा ने स्थिति और खराब की। तेज धूप और लू के थपेड़ों ने जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है।सुबह के समय हलचल जरूर दिखती है लेकिन जैसे ही सूरज सिर पर चढ़ता है, बाजार और सड़कें सूनी होने लगती हैं। दोपहर तक हालत ऐसे हो जाते हैं कि मुख्य सड़कों पर भी लोगों की आवाजाही बेहद कम रह जाती है। सन्नाटा पसर जाता है। लोग जरूरी काम भी या तो तड़के निपटाते हैं या फिर देर शाम तक टाल रहे हैं। रात के हालात भी किसी से कम नहीं हैं। न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री रिकॉर्ड होने से उमस भरी रातें लोगों की नींद और दिनचर्या दोनों को प्रभावित कर रही हैं। अलीगंज रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा। भीषण गर्मी का असर शहर के कपड़ा बाजारों में भी साफ दिखाई दे रहा है। कमाेेवेश कपड़ा बाजार में यही हाल रहा। तपती धूप और लू से बचने के लिए लोग गमछा, धूप का चश्मा, कैप और टोपी लगाकर अपना बचाव कर रहे हैं। दुकानदार अर्जुन का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में इन सामानों की बिक्री दोगुनी हो गई है। रिक्शा चालक, मजदूर, डिलीवरी ब्वॉय व बाइक सवारों के लिए ये आइटम अब जरूरी सुरक्षा कवच बन गए हैं। विक्रेता प्रभुदयाल ने बताया कि प्रतिदिन 8 से 10 चश्मों की बिक्री हो रही है। लोगों का कहना है कि बिना सिर और आंखों को ढके बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गमछा जहां धूप और लू से बचाव में मदद करता है, वहीं चश्मा आंखों को तेज रोशनी और गर्म हवा के कणों से सुरक्षा देता है।दोपहर में चल रही गर्म हवाएं स्थिति को और गंभीर बना रही हैं। लू के कारण लोगों में शरीर की झुलसन, सिरदर्द, थकान और पानी की कमी जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र प्रभारी का कहना है कि फिलहाल मौसम में राहत के आसार कम हैं। ऐसे में सतर्कता, पानी का पर्याप्त सेवन, धूप में कम निकलना और बचाव के साधन अपनाना ही सबसे बड़ा उपाय है। लगातार बढ़ती गर्मी ने पूरे जिले में जीवन की रफ्तार को प्रभावित कर दिया है और आने वाले दिनों में लोगों को और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होगी।