एटा। कोविड-19 के तहत जिले में कार्य कर रहे 40 अस्थाई कर्मियों का एक जुलाई से सेवा विस्तार नहीं होगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने सीएमओ को पत्र भेज दिया है। ऐसे में 1 जुलाई से पीकू वार्ड, लैब सहित ऑक्सीजन प्लांट का संचालन करना मुश्किल होगा।सरकार ने कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में पीकू वार्ड सहित बीएसएल लैब-टू व ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की थी। इसके अलावा बागवाला व चुरथरा में ऑक्सीजन प्लांट तथा कोविड के मरीजों को भर्ती करने के लिए वार्ड बनाए गए थे। वहीं जैथरा पीएचसी पर कोविड के मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई थी।
इसके लिए 44 अस्थाई कर्मियों को रखा गया था। इसमें डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन आदि शामिल हैं। बीते नौ माह से कर्मियों को मानदेय भी नहीं मिला है। इस दौरान चार कर्मचारी नौकरी छोड़ गए थे। वहीं 40 कर्मचारी अब भी कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य निदेशक रविंद्र ने 31 मई को सीएमओ को पत्र भेजकर कहा है कोविड 19 के तहत काम कर रहे अस्थाई कर्मियों का 30 जून तक सेवा विस्तार अंतिम बार किया जा रहा है।
यह सेवा विस्तार उन्हीं कर्मियों पर लागू होगा जो 31 मार्च 2022 तक अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम पर पंजीकृत हैं। यही नहीं, बकाया मानदेय भी इन्हीं कर्मियों को दिया जाएगा। कर्मचारियों के हटाए जाने से जिले में पीकू वार्ड सहित ऑक्सीजन प्लांटों के संचालन में दिक्कतें आ सकती हैं। वहीं वेंटीलेटर के संचालन में सबसे ज्यादा समस्या आएगी। क्यों कि इसके लिए शासन से अस्थायी तौर पर ऑपरेटर रखे गए थे।
बीएसएल लैब टू हो जाएगी बंद
वर्तमान में चार अस्थायी कर्मी बीएसएल लैब टू में कार्य कर रहे हैं। जहां संदिग्ध रोगियों के सैंपल की कोरोना जांच होती है। एक जुलाई से यह कर्मी कार्य नहीं करेंगे। इससे बीएसएल लैब टू में कोरोना की जांच होना बंद हो जाएगी। वर्तमान में 200 से 250 सैंपल की जांच प्रतिदिन लैब में हो रही है।
निदेशक के आदेशों का अनुपालन किया जाएगा। कर्मियों का सेवा विस्तार न होने के बाद स्थितियों से निपटने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे। पूरी कोशिश रहेगी कि सभी सेवाएं जनता को मिलती रहें।
डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन प्लांट के संचालन के लिए अलग से कॉलेज के कर्मचारी हैं। वहीं वेंटीलेटर के संचालन के लिए अन्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। बेहोशी के चिकित्सक द्वारा वेंटीलेटर के संचालन के लिए टीम बनाई जाएगी।
डॉ. अशोक कुमार, सीएमएस