एटा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर आयोजित सेवा पखवाड़े के तहत जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने का अभियान धड़ाम हो गया है। आयुष्मान का पोर्टल सर्वर की तकनीकी खामी के कारण ठप है। रफ्तार देने के लिए लॉन्च किए गए सर्वर में दिक्कत से यह धड़ाम हो गया है। जिले में लगभग दो हजार प्रतिदिन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित है।
आयुष्मान भारत योजना की गिनती केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में है। योजना के तहत कार्ड धारकों के परिवार के सदस्यों की पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज करने की व्यवस्था है। 13 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आयुष्मान भव कार्यक्रम का शुभारंभ किया था। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाने की कवायद की जा रही है। इसी के तहत 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक विशेष पखवाड़ा भी मनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस से शुरू होकर महात्मा गांधी की जयंती तक चलने वाले इस पखवाड़े में आयुष्मान कार्ड बनाने पर जोर दिया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ- साथ पूर्ति विभाग सहित अन्य विभाग को भी लगाया गया है। इसके बाद भी आयुष्मान कार्ड बनने के काम में रफ्तार नहीं आ पा रही है। आयुष्मान एप पर कार्ड बनाने का कार्य हो रहा है। सर्वर की खामी के कारण एप काम नहीं कर रहा है। अब तक सिर्फ 700 के लगभग आयुष्मान कार्ड लाभार्थियों के बन पाए हैं।
कोई भी बना सकता है आयुष्मान कार्ड
आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पहले स्वास्थ्य विभाग में कुछ विशेष काउंटर बनाए गए थे। बाद में जनसुविधा केंद्र के संचालकों को इसके लिए अधिकृत कर दिया गया। अब आयुष्मान एप लाॅन्च हुआ है। इसमें कोई भी व्यक्ति किसी की भी आयुष्मान कार्ड बनाने में मदद कर सकता है। आयुष्मान एप को प्ले स्टाेर से डाउनलोड किया जा सकता है। इसमें मोबाइल नंबर का वेरिफिकेशन कराने के लिए ओटीपी आएगा। फिर आधार कार्ड का नंबर या अपने नाम और पते से कार्ड के बारे में जानकारी जुटाकर आयुष्मान कार्ड बनाया जा सकता है।
सर्वर की समस्या के कारण काम प्रभावित हो रहा था। बृहस्पतिवार की शाम से सर्वर में कुछ सुधार हुआ है। शुक्रवार की सुबह से सर्वर सही चला है। अधिक से अधिक लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे। इसके लिए टीमें लगातार कार्य कर रही हैं।
डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ