गुरुनानक जयंती पर सोमवार को नगर के गुरुद्वारों में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन में समाज के वरिष्ठ जनों ने गुरु नानक देव के जीवन चरित पर प्रकाश डाला गया। ठंडी सड़क स्थित गुरुद्वारे में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। गुरुवाणी से गुरुद्वारों का वातावरण गुंजायमान था। सिख समुदायों की संगत ने कहा कि सतगुरु नानक प्रगट्या, मिटी धुंध जब चानन होया। उन्होंने कहा, आज के दिन गुरुनानक देव का जन्म हुआ था। उन्होंने समाज से कुरीतियों को दूर करने का प्रयत्न किया, हिन्दू-मुस्लिम को एकजुट किया। लंगर प्रथा भी नानक ने ही चलाई। इस प्रथा से उन्होंने सभी धर्मों के लोगों को एक ही स्थान पर एकत्रित कर साथ-साथ रहने, खाने का संदेश दिया। कीर्तन के दौरान संगत ने प्रथम गुरुदेव का वंदन किया। इसके बाद गुरुद्वारे में लंगर का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में हरजीत सिंह, जगजीत सिंह, अशोक सिंह, चरनजीत सिंह, देवेंद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह समेत अनेक लोग मौजूद रहे।