एटा रोड स्थित अमीर खुसरो स्कूल में शरीयत बचाओ कान्फ्रेंस का आयोजन हुआ। जिसमें मुस्लिम समुदाय ने समान नागरिक संहिता का विरोध किया।
मौलाना शाहबुद्दीन रिजवी ने कहा कि केंद्र सरकार देश को आरएसएस के एजेंडे में धकेलने चाहती हैं। भारत का लॉ कमीशन, कानून मंत्रालय या मोदी सरकार को मुसलमानों के निजी कानून में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा ये लोग लोग को देश को सांप्रदायिक स्तर से बांट कर वोट की राजनीति कर रहे हैं। मौलाना कमरूददीन रिजवी ने कहा कि भारत संविधान से चलेगा संघ की शाखा से नहीं। उन्होंने कहा कि सुन्नी मुसलमान समान नागरिक संहिता के खिलाफ है। जिसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांफ्रेस को मुफ्ती अयूब खान नूरी, मौलाना सदारत रजा खान, मौलाना मसूद अख्तर रिजवी, मौलाना रियाजुददीन, मौलाना रियाज मिस्वाही, कारी अतीक बरकाती, हाफिज शारिक आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर चेयरमैन प्रतिनिधि हाजी मुनव्वर हुसैन, नदीम फर्रूख, मौलाना अब्दुल कलाम, हाफिज उवैस, मौलाना सबाब, मसकूर महमूद, सुल्तान आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन अहले सुन्नत ने किया। संचालन मौलाना कमरूज्जमा रिजवी ने की।