एटा। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के तत्वावधान में सोमवार को सफाई कर्मचारियों ने एसीपी (सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नति) को लेकर विकास भवन पर धरना-प्रदर्शन किया। डीपीआरओ के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया।
जिले की 575 ग्राम पंचायत में करीब 800 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। इसमें करीब साढ़े पांच सौ सफाई कर्मचारियों को दस वर्ष की संतोषजनक सेवाएं पूरी करने के बाद एसीपी का लाभ दिया गया, लेकिन करीब 267 सफाई कर्मचारियों को अभी तक एसीपी नहीं दिया गया। इसको लेकर उनमें आक्रोश व्याप्त है।
सोमवार को सुबह करीब दस बजे सफाई कर्मचारियों ने विकास भवन सभागार पर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना था कि एसीपी नहीं लगने की वजह से सभी कर्मचारियों का वेतन समान नहीं है। इसको लेकर कर्मचारी संगठन के नेताओं ने मौखिक व लिखित रूप से कई बार जिला पंचायती राज अधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी से वार्ता भी की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। जिसकी वजह से एसपी को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया।
दोपहर में जिला पंचायती राज अधिकारी केके सिंह चौहान ने सभी सफाई कर्मचारियों को दो मार्च तक एसीपी की फाइल को आगे बढ़ाने के लिए आश्वासन दिया। जिसके बाद सफाई कर्मचारियों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त किया। इस दौरान संघ के जिलाध्यक्ष सनी बाल्मीकि, जिला कोषाध्यक्ष अमित कुमार यादव, जिलमा महामंत्री जबर सिंह सिंह, उर्मिला देवी, सीता देवी, दागश्री आदि रहे।