एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शनिवार रात बुजुर्ग की मौत हो गई। परिजन ऑक्सीजन के अभाव में मौत का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। इस दौरान करीब दो घंटे तक इमरजेंसी में अफरा-तफरी का माहौल रहा था। देर रात तक हंगामा चलता रहा। बाद में परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव लेकर चले गए। रविवार को सुबह से लेकर शाम तक मामले की जांच-पड़ताल चलती रही। चिकित्सकों का साफ कहना है कि ऑक्सीजन के अभाव में मौत नहीं हुई है।
गांव रसूलपुर सोहार निवासी रामजीदास मिश्रा की हालत खराब होने पर परिजन 8:45 पर उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए थे। जहां उपचार के दौरान 55 मिनट बाद उनकी मौत हो गई। इस पर परिजन ने हंगामा शुरू कर दिया था। आरोप था कि ऑक्सीजन के अभाव से रामजीदास की मौत हुई है। हंगामा हाेने पर इमरजेंसी में अफरा-तफरी का माहौल हो गया था। परिजन लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। हंगामा व गाली गलौज होने पर इमरजेंसी के वार्ड में बैठे कर्मी भय के कारण चले गए। वहीं सूचना पर नायब तहसीलदार सहित शहर कोतवाली की पुलिस जा पहुंची थी। परिजन का कहना था कि चिकित्सकों पर कार्रवाई की जाए। पुलिस व नायब तहसीदार के समझाने पर परिजन शांत हुए और करीब 11.15 बजे बिना पोस्टमार्टम कराए शव लेकर चले गए।
रविवार को सुबह से शाम की मामले पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी। सीएमएस डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि बुजुर्ग के दोनों फेफड़ों में पानी भरा था। इमरजेंसी में ईसीजी के माध्यम से पता चला कि दिल की झिल्ली में भी समस्या है। उसको नेब्यूलाइजर से उपचार दिया जा रहा था। इस दौरान उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि कॉलेज में ऑक्सीजन के सात बड़े सिलिंडर भरे रखे हैं। अन्य मरीजों को भी ऑक्सीजन दी जा रही थी। ऑक्सीजन के अभाव से किसी की मौत नहीं हुई है।
कॉलेज में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में थी। मरीज की मौत ऑक्सीजन के अभाव से नहीं हुई। इमरजेंसी में चिकित्सकाें द्वारा उसका उपचार किया जा रहा था। फेफड़ों में पानी होने के कारण नेब्यूलाइज किया जा रहा था उसके माध्यम से ही उसे दवा दी जा रही थी। बीमारी से उसकी मौत हुई है। - डॉ. संदीप गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
ऑक्सीजन प्लांट में धूल देख बिफरे प्रभारी मंत्री
एटा। जिले के प्रभारी मंत्री केपी मलिक रविवार को स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े की शुरूआत करने मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां ऑक्सीजन के अभाव में मरीज की मौत के बारे में सवाल किया गया। इस पर वह पीएम केयर फंड से लगे ऑक्सीजन प्लांट को देखने जा पहुंचे। करीब दस मिनट के बाद प्लांट खुल पाया। धूल जमी देख बोले कि प्लांट कब से नहीं खुला है? प्लांट की सर्विस के लिए किए गए पत्राचार की फाइल को देखा और जल्द से जल्द प्लांट को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।प्रभारी मंत्री प्लांट पर पहुंचे, जो बंद था। ड्यूटी कर रहे कर्मचारी के बारे में पूछा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। करीब दस मिनट बाद प्लांट खुला और प्रभारी मंत्री अधिकारियों के साथ अंदर गए। जहां ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति देख नाराजगी जताई। पता चला कि प्लांट की सर्विस नहीं हुई है। इस पर अधिकारियों ने बताया कि सर्विस के लिए पत्राचार किया गया है। उन्होंने पत्राचार की फाइल को देखा। चिकित्सक राहुल ने मंत्री को बताया कि प्लांट के कुछ पार्ट्स विदेश से आने हैं, ऐसा कंपनी द्वारा बताया गया है। इसके चलते प्लांट की सर्विस रुकी हुई है।
प्लांट के पास गंदगी देख प्रभारी मंत्री का उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने कॉलेज के प्राचार्य सहित सीएमओ से साफ-सफाई को लेकर सवाल किए। जहां प्राचार्य ने बताया कि यहां ऑक्सीजन का एक और प्लांट लगना है उसका फाउंडेशन बन गया है। इस पर मंत्री ने साफ-साफाई कराने के निर्देश दिए। वहीं प्लांट को लेकर कहा पहली बार चेतावनी दे रहा हूं, अगली बार कार्रवाई की जाएगी। भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप जैन डीएम प्रेमरंजन, एसएसपी राजेश कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी, एसीएमओ राममोहन तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सड़क उखड़ी देख सही कराने की कही बात
प्रभारी मंत्री को कॉलेज में सड़क की ईंटें उखड़ी मिलीं। इस पर कहा कि किसी विधायक या नगर पालिका द्वारा कहकर इसका निर्माण करा लिया जाए। उन्होंने कॉलेज की सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।