एटा। सरकार संस्थागत प्रसव पर जोर दे रही है। निशुल्क प्रसव के साथ ही प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। जिससे गर्भवती महिलाएं सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराएं, लेकिन निधौली कलां सीएचसी पर प्रसव के लिए दवा के नाम पर स्वास्थ्यकर्मी 500 रुपये वसूल रहे हैं। नाश्ता नहीं दिया जा रहा। चाय तक के पैसे लिए जा रहे हैं।शनिवार को सीएचसी पर महिला वार्ड में भर्ती रजनी के परिजन ने बताया कि शुक्रवार की शाम रजनी ने नवजात को जन्म दिया। प्रसव से पहले ही नर्स द्वारा दवा के नाम पर 500 रुपये ले लिए गए। वहीं वार्ड में भर्ती एक अन्य प्रसूता के परिजन ने बताया कि उनसे भी 500 रुपये मांगे गए, लेकिन उन्होंने रुपये नहीं दिए। नगला सेवा निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि दो माह पूर्व उनकी पत्नी को सीएचसी पर प्रसव हुआ था। उस समय भी दवा के नाम पर 500 रुपये लिए गए। बच्चे का अब तक जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिला है। पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की है।
पानी की नहीं व्यवस्था
सीएचसी पर मरीजों और तीमारदारों ने बताया यहां भीषण गर्मी में भी ठंडा पानी नहीं मिल रहा है। एक हैडपंप लगा है उसी का पानी पीते हैं। अस्पताल के कर्मचारी बाहर से कैंपर का पानी मंगाकर पीते हैं।
दवा काउंटर पर कट रहे थे पर्चे
सीएचसी पर पर्चा काउंटर और दवा काउंटर अलग-अलग हैं। शनिवार को दवा काउंटर पर ही फार्मासिस्ट द्वारा मरीजों के पर्चे बनाए जा रहे थे। वहीं मरीजों को दवा दी जा रही थी।
शुक्रवार को पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर लेकर आए थे। शुक्रवार की शाम को प्रसव हुआ। जहां प्रसव से पूर्व दवा के नाम पर 500 रुपये लिए गए।
गोविंद, मितरौल
प्रसव पीड़ा होने पर अपनी भाभी को लेकर आई थीं। जहां प्रसव के लिए उनसे रुपये मांगे गए। अन्य लोगों से भी रुपये लिए गए हैं।
प्रीती, नगला रूप
सीएचसी पर अव्यवस्थाओं की जानकारी मिली है। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा रुपये लिए जा रहे हैं इसकी भी जानकारी मिली है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ