फिरोजाबाद। जिले की सिरसा नदी के साथ-साथ सेंगर,ईशन व आवा नदियों की साफ सफाई के साथ हरियाली के लिए चारों ओर पौधे भी रोपे जाएंगे। जिला प्रशासन ने इन नदियों की साफ सफाई की प्लानिंग की है। जिला गंगा एवं पर्यावरण समिति की बैठक में विलुप्त होती नदियों को सुधारने की प्लानिंग की गई है। डीएम डॉ. डॉ.उज्ज्वल कुमार ने इन नदियों की साफ सफाई की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में तेजी से गिरते जलस्तर को शासन ने गंभीरता से लिया है। जिले के हर घर में नल से जल पहुंचाने की प्लानिंग की है। इस काम पर 32 अरब के करीब धनराशि खर्च की जा रही है। भूगर्भ जल की स्थिति सुधारने के लिए नदी, नालों के सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले में बहने वाली 108 किलोमीटर लंबी सिरसा नदी की मनरेगा से साफ सफाई किए जाने के साथ उसके किनारे पौधरोपण की वन विभाग ने प्लानिंग की है। नगर पंचायत मक्खनपुर,शिकोहाबाद नगर पालिका की ओर से साफ सफाई कराई जाएगी।
सिरसा नदी के साथ नारखी क्षेत्र में बहने वाली सेंगर नदी संकरी होने के साथ अपना अस्तित्व खोती जा रही है। इस नदी की भी साफ सफाई की प्लानिंग की गई है। वहीं जसराना तहसील क्षेत्र में बहने वाली ईशन एवं आवा नदियों के मिटते अस्तित्व को बचाने के लिए भी इनका चिह्नांकन करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे कि इन नदियों की साफ सफाई कराई जा सके। कम लंबाई वाली यह नदियां बारिश के दिनों में ही उफान पर दिखाई देती हैं।
डीएम की अध्यक्षता में हुई पर्यावरण एवं जिला गंगा समिति की बैठक में इन नदियों की साफ सफाई कराने पर मंथन किया गया है। इनमें भी मनरेगा के साथ ही अन्य मदों से धनराशि खर्च कर सुधार कराया जाएगा। इन नदियों के साफ होने के साथ पौधरोपण होने से भूगर्भ जलस्तर में काफी हद तक सुधार होगा। सीडीओ दीक्षा जैन ने कहा कि नदियों की साफ सफाई की प्लानिंग की गई है। भूगर्भ जल के स्तर को सुधारने पर ज्यादा जोर रहेगा।