एटा। शहर में शुक्रवार की दोपहर चंद मिनट के लिए हुई बरसात से उमस और बढ़ गई। इसके बाद लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। वहीं, कृषि क्षेत्र में धान की फसल के लिए यह बारिश फायदेमंद बताई जा रही है।
शुक्रवार दोपहर 2 बजे के बाद शहर में बरसात प्रारंभ हुई। कुछ देर बूंदाबांदी के बाद झमाझम वर्षा भी हुई, लेकिन चंद मिनट बाद एकदम से बरसात पूरी तरह बंद हो गई। जिससे मौसम में उमस और बढ़ गई। हालांकि इतनी कम बरसात में भी शहर में कई स्थानों पर जलभराव हो गया। तीज पर खरीदारी करने के लिए बाजार आए लोग भी बरसात और जलभराव के बीच फंस गए। घंटाघर, बाबूगंज, मैनगंज तथा मेडीकल कॉलेज के परिसर में पानी भर गया। जिसके बाद मरीजों तथा तीमारदारों को निकलने में काफी समस्या का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर कई दिनों बाद हुई बरसात धान की फसल के लिए फायदेमंद रही है। कृषि वैज्ञानिक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि धान की खेती के लिए ये बरसात अमृत के समान है। इससे धान के पौधे में किल्लों की संख्या बढ़ेगी। जिसकी वजह से पैदावार भी अच्छी होगी।