एटा। तीन हजार करोड़ रुपये के यूपी इन्वेस्टर्स समिट में शामिल किए गए प्रस्ताव अब धरातल पर उतरने लगे हैं। 10 उद्योगों की स्थापना शुरू कर दी गई है। जबकि 34 की स्थापना के लिए जमीन चाहिए, जिसका प्रस्ताव यूपीसीडा को भेजा गया है।इसी साल फरवरी में यूपी इन्वेस्टर्स समिट हुई जिसमें करीब तीन हजार करोड़ रुपये के 197 प्रस्ताव विभिन्न उद्यमियों ने उद्योगों की स्थापना के लिए दिए थे। इसके बाद से ही इन प्रस्तावों को अमल में लाने के लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी। लगातार शासन से भी इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। बीच में नगर निकाय चुनाव से कार्यों में कुछ लेटलतीफी हुई। अब इसको फिर से रफ्तार देना शुरू कर दिया गया है।
फिलहाल 10 उद्योगों की स्थापना शुरू की जा चुकी है। इनमें सबसे बड़ा प्रोजेक्ट श्री सीमेंट कारखाने का है। जिसे मलावन क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है। इसके निर्माण से जहां जिले में ही सीमेंट का उत्पादन शुरू हो जाएगा। वहीं इसमें तमाम लोगों को रोजगार भी हासिल होगा। इस तरह यह कारखाना एटा की पहचान को विकसित करेगा। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के नौ और कारखानों की स्थापना का कार्य चल रहा है।
उधर, 34 ऐसे प्रस्तावक हैं जिन्हें अपनी इकाई स्थापित करने के लिए जमीन नहीं मिल सकी है। उन्होंने इसके लिए प्रशासन से मदद मांगी है। इनकी जरूरत के मुताबिक जमीन की उपलब्धता के लिए प्रस्ताव बना लिया गया है। जिसे यूपीसीडा को भेजा गया है। औद्योगिक संस्थान में इन्हें उद्योग लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे कि जल्द से जल्द ये कारखाने भी संचालित किए जा सकें।
यूपी इन्वेस्टर्स समिट के तहत जो एमओयू हुए थे, उनके प्रस्तावक रुचि ले रहे हैं। अधिकांश लोग जल्द से जल्द इकाई स्थापना के प्रयास में हैं। इनके अलावा कुछ लोग परिस्थितियों के मुताबिक समय भी चाह रहे हैं। प्रशासन और विभाग की ओर से सभी प्रस्तावकों को सहयोग मुहैया कराया जा रहा है।
- शरद टंडन, उपायुक्त उद्योग