एटा। मंगलवार को प्राइवेट एंबुलेंस के खिलाफ यात्रीकर अधिकारी व डिप्टी सीएमओ ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। इस दौरान फिटनेस सहित अन्य प्रपत्र न होने पर एक एंबुलेंस को सीज किया। जबकि छह अन्य के चालान काटे गए। अमर उजाला के प्राइवेट एंबुलेंस में मानक पूरे न होने पर अभियान चलाया था। इसके बाद अधिकारी हरकत में आए और कार्रवाई की गई।
जिले में प्राइवेट एंबुलेंसों का बोलबाला है। यह मेडिकल कॉलेज से घायलों को ले जाकर कमीशन के चक्कर में निजी नर्सिंग होम में मरीजों को भर्ती करा देते हैं। सात सितंबर से अमर उजाला समाचार पत्र ने प्राइवेट एंबुलेंस वालों के खिलाफ अभियान शुरू किया था। जहां लगातार अभियान चला। इसके बाद मंगलवार को यात्रीकर अधिकारी अभिनव चौधरी व डिप्टी सीएमओ डॉ. सर्वेश कुमार द्वारा प्राइवेट एंबुलेंसों की पड़ताल की गई। इस दौरान यात्रीकर अधिकारी को एक एंबुलेंस के प्रपत्र पूरे नहीं मिले। जिस पर उसे सीज किया गया। जबकि छह अन्य के चालान काटे गए। डिप्टी सीएमओ ने बताया किसी भी एंबुलेंस में संसाधन पूरे नहीं मिले। किसी में ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं था तो किसी में दवाओं की किट नहीं थी। एंबुलेंस के चालकों को चेतावनी दी गई है।
प्राइवेट एंबुलेंस के खिलाफ अभियान चलाया गया। जहां एक एंबुलेंस को सील किया गया है। अन्य छह के चालन काटे गए हैं। जिन एंबुलेंसों के चालान काटे गए हैं। उनके किसी में ऑक्सीजन सिलिंडर तो किसी में दवाओं की किट सहित अन्य संसाधन नहीं मिले। - अभिनव चौधरी, यात्रीकर अधिकारी