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बाजार का भरोसा छोड़ घरों में ही सेवई बनाने में जुटीं मुस्लिम महिलाएं

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घर मैं सेवई बनातीँ महिलाएं। - फोटो : ETAH
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एटा। पवित्र रमजान में लॉकडाउन के चलते खाद्य वस्तुओं की किल्लत देख मुस्लिम महिलाओं ने अब बाजार पर भरोसा करना बंद कर दिया है। वह घरों में ही इसकी तैयारियां करने में जुट गई हैं। महिलाएं सामूहिक रूप से चिप्स, पापड़, मठरी ही नहीं सेवई भी बना रही हैं। रमजान माह में सेवइयों का विशेष महत्व है। यह उतना ही है जितना इफ्तार के वक्त खजूर का। लॉकडाउन के कारण इस बार बाजार में अभी तक सेवाइयां नहीं आ पाई हैं। बाजार का रुख देखकर महिलाएं अब घरों में ही इसे बनाना शुरू कर दिया है।
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घरों में ही पढ़ें पांचों वक्त की नमाज
मस्जिदों से केवल अजान होगी। ऐसे में लोग लॉकडाउन का पालन करते हुए घरों में ही पांचों वक्त की नमाज अदा करें।
-हाजी मोहम्मद सुल्तान, इमाम।
तरावीह पढ़ने मस्जिद न जाएं
रमजान माह में तरावीह पढ़ना सुन्नत माना गया है। ऐसे में जरूरी नहीं है कि इसे मस्जिदों में ही पढ़ जाए, लोग घरों में ही तरावीह पढ़ें।
-हाजी मुजम्मिल खां
बाजार में नहीं आ रहे खाद्य पदार्थ
बाजार में इस बार खजूर, सेवई आदि नहीं आ रही हैं। ऐसे में महिलाएं त्योहार को देख घरों में ही खाद्य वस्तुएं बना रही हैं।
-साबिर मियां, अध्यक्ष, बाबूगंज बाजार
कोरोना वायरस में लोग घरों में रहकर ही परिवार के साथ नमाज पढ़ें, यह पहला मौका होगा जब लोग मस्जिदों में नहीं जा पा पाएंगे।
-मो. यासीन
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