एटा। मेडिकल कॉलेज में फाइलेरिया के लक्षण वाली युवती इलाज के लिए पहुंची। स्वास्थ्य विभाग उसकी जांच कराएगा, जिसके बाद रोग की स्थिति स्पष्ट होगी।डेंगू व मलेरिया के साथ ही फाइलेरिया मच्छर जनित बीमारी है। नवंबर माह में स्वास्थ्य विभाग को फाइलेरिया से ग्रसित रोगियों को खोजने के लिए अभियान चलाने के निर्देश मिले थे। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाकर करीब 500 स्लाइडें बनाईं थीं। इस दौरान कोई मरीज नहीं मिला था। शनिवार को मेडिकल कॉलेज में मिरहची निवासी युवती को लेकर परिजन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंचे। युवती के एक पैर पर सूजन थी।
ओपीडी में युवती को बताया गया कि यह फाइलेरिया का लक्षण लग रहा है। इस पर सीएमओ कार्यालय में मलेरिया विभाग के पास उसे भेज दिया गया। युवती ने बताया कि ढाई माह से उसे दिक्कत है। बरेली सहित आगरा में दिखाया लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक लोकमन सिंह ने बताया कि युवती के पास जो रिपोर्ट मिली हैं उसमें फाइलेरिया की पुष्टि नहीं है। जांच के लिए उसका सैंपल शनिवार की रात को टीम भेजकर कराया जाएगा। रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसका उपचार शुरू कर दिया जाएगा।
ये हैं फाइलेरिया के लक्षण
फाइलेरिया से व्यक्ति के संक्रमित होने के बाद बुखार, बदन में खुजली और पुरुषों के जननांग व उसके आसपास दर्द और सूजन की समस्या होती है। पैरों और हाथों में सूजन, हाइड्रोसील (अंडकोषों की सूजन) भी फाइलेरिया के लक्षण हैं। इस बीमारी में पैरों में सूजन हाेने के कारण हाथी के पांव जैसे हो जाते हैं, इसलिए इस बीमारी को हाथीपांव भी कहा जाता है।