राजा का रामपुर। उप जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद भी पीड़ित को जमीन पर कब्जा नहीं मिल पा रहा है। वह अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है।
कस्बा निवासी नरवेंद्र सिंह और गजेंद्र सिंह ने अपनी पत्नी पूनम और प्रेमलता के नाम से वर्ष 2013 में गोदाम के लिए जमीन खरीदी थी, लेकिन कुछ दिनों बाद ही विक्रेता से आपसी मतभेद के कारण मामला उप जिलाधिकारी के न्यायालय में चला गया। गजेंद्र सिंह के पुत्र सौरभ सिंह ने बताया कि लंबी बहस चलने के बाद 17 अगस्त 2022 को जगह को कुर्क कर लिया गया। कुर्क के बाद उप जिलाधिकारी न्यायालय में फिर कानूनी लड़ाई चली। न्यायालय ने 4 मई 2023 को वादी को जमीन सुपुर्द करने का आदेश दिया, लेकिन 3 माह बीतने के बाद भी पीड़ित अधिकारियों को न्यायालय के आदेश दिखाते हुए कार्यालयों की चक्कर लगा रहा है। क्षेत्राधिकारी अलीगंज सुधांशु शेखर ने बताया कि टीम गठित कर जल्द ही न्यायालय के आदेश का पालन कराया जाएगा।