एटा। थाना अवागढ़ क्षेत्र के एक गांव में पुलिस कर्मी की पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। वारदात के बाद पीड़िता थाना पहुंची और मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। पुलिस की बदनामी की बात कहकर उसे भगा दिया गया। अब अदालत के आदेश पर पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
महिला ने बताया कि पति पुलिस विभाग में आरक्षी हैं। वह बिजनौर जिले में तैनात हैं। 9 मार्च को मैं अपने खेतों पर गई थी। नलकूप की कोठरी में दरांती रखी थी। इसे बरसीम काटने के लिए निकालने गई। तभी गांव के ही तुकमान ने एक व्यक्ति के साथ दबोच लिया। दोनों ने तमंचे से डराकर दुष्कर्म किया। जाते समय दोनों धमकी देकर गए कि अगर किसी को बताया तो जान से मार दिया जाएगा।
बताया कि इसके बाद पति से बात की और पूरी वारदात बताई। तब पति ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने पर भेजा। यहां पर कोतवाल को तहरीर दी। रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पुलिस विभाग की बदनामी करने की बात कहकर थाना से भगा दिया। आरोपी दबंग प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ पहले से ही दुष्कर्म व अन्य तरह के मुकदमे दर्ज हैं।
आरोप है कि थाना पुलिस संरक्षण देती है और आरोपी से मिल गई। इसकी वजह से मेरा मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। तब अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। अभी भी धमकी दी जा रही है कि जांच पुलिस को ही करनी है। आदेश कराकर रिपोर्ट दर्ज करा सकती है और कुछ नहीं कर सकती। थाना प्रभारी फूलचंद ने बताया कि झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। अदालत का आदेश आया है, इसलिए रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी है।