अस्पताल में भर्ती पीएसी फालवर, रोते पत्नी व बच्चे
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उत्तर प्रदेश के एटा में जिला मुख्यालय स्थित 43वीं वाहिनी पीएसी बटालियन में तैनात एक फालवर ने आठ दिन से खाना नहीं किया। इसके चलते उसकी हालत बिगड़ गई। शनिवार को उसे मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। यहां उसकी पत्नी ने पीएसी कमांडेंट पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि पड़ोसी हमारा मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। पीएसी कमांडेंट भी उनका साथ दे रहे हैं।
पीएसी बटालियन के गेस्ट हाउस में तैनात फालवर रविप्रकाश की पत्नी ने मेडिकल कॉलेज में रोते हुए बताया कि हमारे सरकारी आवास के सामने ही स्वास्थ्यकर्मी राजेश कुमार का आवास है। वह और उसकी पत्नी आए दिन हम लोगों के साथ गाली-गलौज करते हैं।
विरोध करने पर पीटने की धमकी देते हुए मानसिक उत्पीड़न करते हैं। मामले की शिकायत जब हमने पीएसी कमांडेंट से की तो हमको ही डांटते हुए सरकारी आवास खाली करने को बोल दिया। जबकि स्वास्थ्य कर्मी और उसकी पत्नी से कुछ भी नहीं कहा।
पत्नी ने बताया कि इसी वजह से आठ दिन से हम पति-पत्नी खाना नहीं खा रहे हैं। शनिवार को इसी कारण पति की तबीयत बिगड़ गई। अन्य साथी उनको लेकर मेडिकल कॉलेज आए। पेट में कुछ भी न होने के कारण उन्हें भयंकर दर्द हो रहा है। हम लोग बहुत परेशान हैं। छोटे-छोटे दो बच्चे है। बड़ा बेटा और छोटी बेटी है। बेटी की भी अक्सर तबीयत खराब रहती है।
पत्नी ने रोते-रोते बताया कि पीएसी कमांडेंट अपनी मनमानी कर रहे हैं और हमारी कोई बात नहीं सुनते हैं। इस वजह से हम लोग बहुत परेशान हैं। अगर मेरे पति को कुछ हो गया तो मैं क्या करूंगी? कंमाडेंट तो अस्पताल में भर्ती पति को देखने तक नहीं आए।
फालवर व उसके आवास के सामने रहने वाले स्वास्थ्य कर्मी के बीच कोई विवाद हो गया था। राजेश शिकायत लेकर मेरे पास आया, तो मैंने कहा कि अगर तुम दोनों के बीच कोई समस्या है तो रविप्रकाश को दूसरे आवास में शिफ्ट कर देंगे। बस इतनी से बात है। मेरे ऊपर लगाए जा रहे सारे आरोप अनर्गल हैं। -
आदित्य प्रकाश वर्मा, कमांडेट 43वीं वाहिनी पीएसी