एटा। शहर में जीटी रोड स्थित इंडियन बैंक शाखा काफी दिनों से चर्चाओं में है। कर्मचारियों की मिली भगत से खाताधारकों की रकम निकाले जाने के आरोप लगते आ रहे हैं। पूर्व में कई खाताधारकों की रकम निकाली गई तो बैंक प्रबंधक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब दो महिला खाताधारकों ने 11 लाख से अधिक रकम निकालने की रिपोर्ट शुक्रवार को दर्ज कराई है।
थाना बागवाला क्षेत्र के गांव ओन निवासी रंजीत कुमार की पत्नी मंजू देवी की ओर से लिखाए गए मुकदमा में कहा कि 21 नवंबर 2022 को इंडियन बैंक शाखा जीटी रोड पर 13 हजार रुपये जमा करने गई थी। कर्मचारी रवी कुमार निवासी जगन्नाथपुरी ने भरोसे में लेकर बैंक में जमा करने के लिए रकम ले ली और थोड़ी देर बाद मोहर लगाकर रसीद दे दी गई। जब कि 21 फरवरी को बैंक में रुपये निकालने गई तो तब बैंक कर्मी ने कहा कि आपके खाता में रुपये नहीं हैं। फर्जी रसीद देकर रुपये हड़पने का आरोप है।
वहीं शहर के जीटी रोड स्थित धान मील वाली गली निवासी जितेंद्र जैन की पत्नी ऊषा जैन ने दूसरा मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि इंडियन बैंक की शाखा में काफी पुराना खाता है, 14 फरवरी को पासबुक में एंट्री कराने गई तब पता चला कि खाता से 11.24 लाख रुपये कर्मचारियों की मिलीभगत से निकाल लिए गए हैं। बैंक प्रबंधक से जानकारी की गई तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। प्रभारी निरीक्षक सुधीर सिंह राघव ने बताया कि दोनों महिलाओं की तहरीर के आधार पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मामलों की जांच की जा रही है।
पहले लिखे जा चुके हैं तीन मुकदमे
इंडियन बैंक की शाखा से रुपये निकालने का पहला मुकदमा 24 जनवरी को शहर के मोहल्ला सराय मिश्र निवासी दयाशंकर गुप्ता द्वारा कर्मचारी रवी कुमार के खिलाफ फर्जी रसीद से 30 हजार रुपये खाता से निकालने का लिखाया था। इसी दिन कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव भदों निवासी किसान थान सिंह ने 1.60 लाख रुपये का दर्ज कराया था। जबकि बैंक प्रबंधक अश्वनी कुमार गुप्ता ने कर्मचारी रवी के खिलाफ 10.91 लाख रुपये चार खाताधारकों से निकालने की रिपोर्ट आठ फरवरी को दर्ज कराई जा चुकी है।